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खुर्सीपार मलकित हत्याकांडः जनता और बीजेपी के सामने झुका प्रशासन, मृतक की पत्नी को संविदा नौकरी और 10 लाख रुपए का मुआवजा

by Dakshi Sahu Rao
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65 घंटे बाद थाना के सामने से हटा टेंट

तीन दिन थाना के सामने प्रदर्शन रहा जारी

CG Prime News@भिलाई.खुर्सीपार मलकित हत्याकांड के मामले में आखिरकार जनता और बीजेपी के सामने प्रशासन को झुकना पड़ा। प्रशासन ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए बतौर मुआवजा और पत्नी को संविदा नौकरी और बच्चों के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिला दिए जाने की घोषणा की। इसके बाद मृतक के परिजनों के लिए मुआवजा की मांग कर रहे बीजेपी और सिख कम्युनिटी के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। बता दें कि सोमवार को खुर्सीपार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यक्रम है। इससे पहले धरना को समाप्त करने में प्रशासन को कामयाबी मिली है।

बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी मनीष पांडेय ने बताया कि प्रशासन के बीच तीन बातों पर सहमति बनी है। पीड़ित के परिजनों की मांग थी कि हत्या में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए और वारदात का कथित आरोपी शुभम शर्मा को बचाने के बजाए उसे गिरफ्तार किया जाए। परिवार को  मुआवजा, मृतक की पत्नी को नौकरी और बच्चों को एजुकेशन दिया जाए। इस पर सहमित बन गई है। इसके बाद धरना को समाप्त कर दिया गया।

जानिए क्या है मामला

15 सितम्बर को खुर्सीपार आईटीआई ग्राउंड में जोन-3 निवासी मलकित सिंह की बदमाश युवकों ने मिलकर कसाई की तरह बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना से विभिन्न संगठनों के अलावा बीजेपी पीड़ित परिवार के साथ आक्रामक हो गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस से बात की और कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को संतुष्ट नहीं किया जाता, तब तक थाना के सामने टेंट लगाकार धरना पर बैठे रहेंगे। इस घटना को लेकर बीजेपी ने प्रदेश सरकार से लेकर भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव को घेर दिया। लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर रहे। तीन दिन तक रात दिन घटना स्थल से नहीं हटे। बीजेपी कार्यकर्ता, सिख समाज और खुर्सीपार की जनता उनके साथ धरना स्थल पर डटी रही।

बीजेपी ने मिशन इन पॉसिबल को किया पॉसिबल

मलकित हत्याकांड के मामले में बीजेपी के सकारात्मक रवैए की जीत हुई है। पूरे घटना क्रम में 65 घंटे तक पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय थाना के सामने डटे रहे। इसके साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी उनका पूरे तरह से साथ दिया। ऐसे में लगातार प्रशासन पर दबाव बनता गया। दूसरी तरफ सिख पंचायत ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, जिसके चलते प्रशासन को छुकना पड़ा।

सोमवार को भिलाई बंद को मिला भरपूर समर्थन

इस मामले को लेकर सिख पंचायत ने 18 सितम्बर को भिलाई बंद करने का आह्वान किया। बीजेपी और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन किया। भिलाई के तकरीबन सभी व्यापारियों ने समर्थन करते हुए सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक दुकानों को बंद रखा। भिलाई के पूरे मार्केट में सन्नाटा पसरा रहा।

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