भिलाई . छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में अगले साल से यूटीडी में बी.फार्मेसी के साथ मास्टर ऑफ फार्मेसी की पढ़ाई भी शुरू होगी। सीएसवीटीयू ने इसकी तैयारी कर ली है। प्रस्ताव फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजा गया है। ये प्रस्ताव जल्द ही कार्यपरिषद में रखा जाएगा। यूटीडी भवन का नया ब्लॉक निर्माण पूरा होने के साथ ही इसमें कक्षाएं शुरू होंगी। इस साल से यूटीडी भवन में बी.फार्मेसी का आगाज हो जाएगा। रायपुर फार्मेसी कॉलेज को सीएसवीटीयू ने यूटीडी में शिफ्ट कर लिया है।
इस बार की काउंसलिंग में तकनीकी शिक्षा संचालनालय सीएसवीटीयू फार्मेसी को भी जोड़ेगा। अभी जहां बी.फार्मेसी की ६० सीटों का इनटेक दिया गया है, वहीं अगले साल से शुरू होने वाले एम.फार्मेसी में ३० सीटों का शुरुआती इनटेक रखने की तैयारी है। इस संस्थान का नाम सीएसवीटीयू कॉलेज ऑफ फार्मेसी होगा।
बचे थे आखिरी दो कॉलेज
पहले आयुष विश्वविद्यालय की संबद्धता से संचालित रायपुर और राजनांदगांव के यूनिवर्सिटी फार्मेसी कॉलेज अब छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय चला रहा है। ये दोनों ही कॉलेज आखिरी थे, जिनका संचालन आयुष विवि कर रहा था। इस तरह इन दोनों कॉलेजों को चलाने के लिए आयुष विवि में अलग से पूरा सेटअप काम करता था, जबकि प्रदेश के तमाम फार्मेसी कॉलेजों को सीएसवीटीयू संबद्धता देता था। इस संबंध में आयुष विवि ने सीएसवीटीयू से पत्राचार किया, जिसमें कॉलेजों को अपनी टेरीट्ररी में लेने का आग्रह किया गया। सीएसवीटीयू ने एनओसी दे दिया, जिसके बाद फार्मेसी के दोनों कॉलेज सीएसवीटीयू के संघटक बन गए।
अगले साल बढ़ेगी सीटें
सीएसवीटीयू के पास रायपुर और राजनांदगांव को मिलाकर दो संघटक फार्मेसी कॉलेज हैं। इनमें से इस साल सिर्फ रायपुर को ही शामिल किया जा रहा है। इसलिए सीट इनटेक ६० रखा है। वहीं अगले साल से यूटीडी फार्मेसी में राजनांदगांव का कॉलेज भी शामिल हो जाएगी। इस तरह सीएसवीटीयू कैंपस में चलाए जा रहे बीफार्मा कोर्स की सीटें बढक़र १२० हो जाएगी। इसके बाद दो साल में सीएसवीटीयू यहां पीजी कोर्स भी शुरू कराएगा।
अगले सत्र से सीएसवीटीयू यूटीडी में एम.फार्मेसी की शुरुआत होगी। नए यूटीडी भवन में कक्षाएं लगाई जाएगी। प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से इनके लिए जरूरी पद भी मांगे जाएंगे।
डॉ. एमके वर्मा, कुलपति, सीएसवीटीयू

