सीएसवीटीयू ने एनईपी का सिलेबस तैयार करने बनाई टीम, बदल जाएगा इंजीनियरिंग का सिलेबस, प्रैक्टिकल नॉलेज देने उद्योगों से होंगे करार

भिलाई . छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की यूटीडी सहित तमाम तकनीकी कॉलेजों के लिए नया सिलेबस तैयार किया जा रहा है। यह सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ रीजन लैंग्वेज से भी पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। सीएसवीटीयू ने सिलेबस तैयार करने टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। इसमें तकनीकी शिक्षा संचालनालय के आला अफसरों के साथ अन्य विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर भी मदद करेंगे। इसको लेकर हाल ही में एक बैठक हुई है, जिसमें सीएसवीटीयू में इंडियन नॉलेज सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है।

बहरहाल, इस साल विद्यार्थियों को पुराना सिलेबस ही पढऩा होगा, लेकिन अगले सत्र के नव-प्रवेशित छात्रों को नया अपडेटेड सिलेबस मिलेगा। इस सिलेबस की खास बात यह है कि, इसमें थ्योरी को कम और प्रैक्टिकल को अधिक क्रेडिट दिए जाएंगे। जिससे विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग के साथ तमाम टेक्निकल कोर्स की बारीकियां भी सीखने को मिलेंगी। नए सिलेबस में इंडस्ट्रियल विजिट को तरजीह देते हुए ही कोर्स कंटेंट डिजाइन करने की जिम्मेदारी बांटी गई है।

इंजीनियरिंग में भी नहीं रहेगी ऐज लिमिट

कोर सिविल इंजीनियरिंग का छात्र कंप्यूटर साइंस के सब्जेक्ट भी पढ़ेगा। लिट्रेचर, म्युजिक, पोएट्री, ड्रामा, सामाजिक विज्ञान जैसे दर्जनों विषयों में से अपनी रुचि का विषय चुन सकेंगे। इसके साथ अब इंजीनियरिंग छात्रों को इंडियन नॉलेज सिस्टम के तहत कोर्स भी पढऩे को मिलेंगे। यह विषय छात्र इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर चुन सकेंगे, जिसके उनको क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने अगले शैक्षणिक सत्र से तकनीकी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० लागू करने का निर्णय ले लिया है। डीटीई में एनईपी लागू करने को लेकर अहम बैठक हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने भी अपना मसैादा विभाग के सामने रखा।

उम्र का बंधन अब नहीं

राज्य में एनईपी लागू होने के बाद इंजीनियरिंग के साथ किसी भी टेक्निकल कोर्स में दाखिले के लिए आयु सीमा का बंधन नहीं रहेगा। पहले २५ वर्ष की अधिकतम आयु तक ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में नियमित प्रवेश दिए जाते थे, लेकिन अब 80 वर्ष का व्यक्ति भी इंजीनियरिंग की नियमित पढ़ाई करेगा।

करिकूलम बदलेगा सीएसवीटीयू

एनईपी के तहत कोर्स कंटेंट में बड़ा बदलाव होना है। इसके लिए छात्रों का कोर्से करिकूलम पूरी तरह से बदल जाएगा। कोर्स को इंडस्ट्री ट्रेंड के हिसाब से तैयार करने की जिम्मेदारी सीएसवीटीयू की होगी। कुछ कोर्स सेंट्रल बॉडी से भी मिलेंगे जिसको सीएसवीटीयू अपने छात्रों के बीच लागू करेगा। इसके अलावा नए सेशन से थ्योरी कम और प्रैक्टिकल ज्यादा की नीति लागू होगी जिसमें रेश्यो 40-60 होगा। इसके अलावा इंटर्नशिप की अवधी भी बढ़ेगी।

मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स

अभी तक छात्र सिर्फ क्लासरूम तक ही सीमित थे, लेकिन अब पढ़ाई का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। वैल्युएडेड कोर्स की पढ़ाई मॉक यानी मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स के जरिए कराई जाएगी। इसके लिए छात्रों को सीएसवीटीयू कई सारे लर्निंग प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। कोर विषय के अतिरिक्त किसी भी अन्य विषय में भी मॉक कोर्स करने पर इसके अंक छात्र के मार्कशीट में जोड़ दिए जाएंगे। कोर्स का क्रेडिट ट्रांसफर होगा।

स्किल बेस्ड कोर्स का चयन करेंगे

अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ विद्यार्थियों को स्किल बेस्ड विषय भी चुनने की आजादी होगी। इसमें ऐसे कोर्स रखे गए हैं, जिनका सीधा संबंध नौकरी हासिल करने से है। यानी जॉब मार्केट में चल रही स्किल को ध्यान में रखकर छात्र खुद को डेवलप करेंगे। इसमें कम्युनिकेटिव स्किल से लेकर कंप्यूटर एवं क्रिएटिव आर्ट एंड डिजाइन, पब्लिक स्पीकिंग, डिजिटल मार्केटिंग जैसा सबकुछ होगा। इसमें कई आधा सैकड़ा कोर्स ऑफर किए जाएंगे।

सभी कॉलेजों में होगा इन्क्यूबेटर

डीटीई में दिए गए प्रजेंटेशन में सीएसवीटीयू ने अपना पक्ष रखते हुए तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन को अनिवार्य करने की बात रखी है। एनईपी के तहत इसकी निगरानी सीएसवीटीयू करेगा। इसके साथ सभी कॉलेजों को छात्रों के प्लेसमेंट के लिए भी विशेष सेल गठित बनाने के निर्देश दिए जाएंगे। तीसरे सेमेस्टर से आखिरी वर्ष की प्लेसमेंट में बेहतर तैयारी के लिए ट्रेनिंग शुरू होगी।

अगले सत्र से इंजीनियरिंग सहित तमाम तकनीकी कोर्स का सिलेबस बदल जाएगा। इसको लेकर संचालनालय से बैठक हुई है। कोर्स कंटेंट को तैयार करने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन है। सिलेबस इस तरह से तैयार किया जाएगा कि इसमें स्किल बेस्ड एजुकेशन पर फोकस हो।
अंकित अरोरा, कुलसचिव, सीएसवीटीयू
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