CG Prime News@भिलाई. रायपुर एवं बिलासपुर सीए ब्रांच के संयुक्त तत्वाधान में सीए ब्रांच की प्रोफेशनल डेव्लपमेंट कमेटी ने सीए नेशनल कांफ्रेंस “अचीव-2023” का आयोजन सीए भवन सिविक सेंटर में किया। रायपुर, बिलासपुर से आए सीए आकर सिरकत की। 350 से अधिक सीए शामिल हुए।

इस दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बान दासगुप्ता थे। विशिष्ट अतिथि ईडी फायनेंस डॉ. अशोक पण्डा शामिल हुए। वहीं वक्ता के रूप में सीए डॉ. गिरीश आहूजा (दिल्ली), सीए पंकज शाह (इंदौर), सीए रूचि गुप्ता (जयपुर) शामिल हुए। मुख्य अतिथि ने कहा कि इंस्टीट्यूशन के सभी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स प्रैक्टिस में रिफार्म कर एक प्रोफेशनल और स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा सीएम को हमेशा आगे बढ़कर लीडिंग इंडीगेटर की तरह काम करना चाहिए न की पीछे रहकर। साथ ही नॉलेज, लर्निंग और नेटवर्किंग के साथ काम करना चाहिए। भारत एडवांस अर्थव्यवस्था के साथ विकसित हो रहा है। हमें अभी से बहुत सी समस्याओं के निराकरण और व्यापार में वैल्यू को समझना चाहिए। ब्रांच चेयरपर्सन सीए पायल नवीन जैन , सेक्रेटरी सीए अंकेश सिन्हा, पूर्व चेयरमैन सीए प्रदीप पाल , प्रोग्राम संयोजक सीए हर्ष जैन, सीए नवीन जैन, पूर्व चेयरमेन सीए जेएल जैन, सीए एससी लेखवानी सहित भूतपूर्व चेयरमैन एवं 300 से अधिक सदस्य उपस्थित थे।
स्थिर प्रतिफल-अस्थिर दुनिया
मुख्य वक्ता सीए डॉ. गिरीश आहूजा ने “स्थिर प्रतिफल-अस्थिर दुनिया” पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है। समय के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को ही नहीं, टैक्स पेयर्स को भी बदलना होगा। आज की तारीख में करदाता से अधिक जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास है। करदाताओं को यह बात समझना होगा, सभी नये प्रावधान आयकर को और अधिक पारदर्शी बना रहे हैं। डॉ आहूजा ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अब नये क्षेत्र में अपनी सेवा के अवसर ढूंढने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश अब बदल रहा है, इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि सीए को नयी टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट होना होगा।
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के उपाध्यक्ष सीए किशोर बरड़िया ने कहा कि आईसीएआई करियर काउंसिलिंग के अंतर्गत हमें राज्य स्तर पर 5 हजार स्कूलों में जाकर करियर काउंसिलिंग करना है जिससे बच्चों को उनके व्यक्तित्व और भविष्य में करियर के बारे में मार्गदर्शन मिल सके। आने वाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए हम सभी को पहल करना आवश्यक है। सीए अभय छाजेड़ ने इस आयोजन के लिए भिलाई, रायपुर एवं बिलासपुर टीम को बधाई दी। उन्होंने वरिष्ठ सीए गिरिश आहूजा के अनुभव को सराहना की। उन्होंने जी-20 के भारत विजन, वन अर्थ -वन फैमिली -वन फ्यूचर पर अपनी बात रखी। साथ ही सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी पर किए जा रहे कार्याें की जानकारी देते हुए कहा कि यह हमारे दैनिक जीवन के बहुत ही अच्छा और सबसे सस्ता उर्जा विकल्प है। कार्यक्रम में सीए पंकज शाह ने दिवालियापन, मूल्यांकन, लेखा और कानून पर अपनी बात रखी, साथ ही व्यापार पुनर्गठन के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। इसी क्रम में सीए रूचि गुप्ता ने श्रम कानून से मिलने वाले फायदें और उनको नियमों के बारे में जानकारी दी।
ऑटोमेशन की दुनिया में अपने आप को तैयार करें
बीएसपी ईडी फायनेंस श्री अशोक पंडा ने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ा चैलेंज डिजिटल वर्ल्ड है। हमें इस चुनौती का सामना कर आगे बढ़ना होगा, नए नियम, नए कानून और नए वर्क स्कील्स को सीखना हमारे लिए जरूरी हो गया है। जैसे आज आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस ( AI), ब्लॉक चैन, साइबर सीक्योरिटी का लाभ लेकर बड़ा बदलाव के साथ काम करना बड़ा चैलेंज है। समय के साथ स्वयं का विकास बहुत आवश्यक है अन्यथा हम पीछे रह जायेंगे।
प्रोफेशनल डेवलपमेंट मतलब डिफरेंट स्कील सेट
आईसीएआई के वाइस चेयरमैन सीए मंगेश पांडुरंग ने कहा कि प्रोफेशनल डेलवपमेंट का मतलब विभिन्न स्किल्स के साथ आगे बढ़ना है, तभी हम प्रोफेशनल सीए बन पाएंगे। आगे उन्होंने भविष्य में आने वाले बदलाव और इससे मिलने वाले फायदों के बारे में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सीए केवल सीए प्रैक्टिसनर्स या ऑडिटर तक सीमित नहीं, आज उनके सामने नई चुनौती उभर कर आ रही जिसमें हमें अपने आपको विकसित नए बदलाव के साथ काम करना चाहिए। आज हर बड़ी संस्था में मल्टीटास्किंग सीए प्रोफेशन की डिमांड बढ़ती जा रही है। आज जीएसटी भी खुद ऑटोमेशन में की ओर बढ़ रहा है। हमें अभी और अपने स्कील्स पर काम करना होगा।

