KFC फ्रेंचायजी दिलाने 17 राज्य में फैला रखे थे ऑनलाइन ठगी का कारोबार, 5 करोड़ की ठगी के आरोपी बाप-बेटा गिरफ्तार

भिलाई. केएफसी फ्रेंचायजी दिलाने के नाम पर देश के 17 राज्यों में ऑनलाइन ठगी का ऐसा कारोबार फैला रखा था। सैकड़ों लोग इनके झांसे में फंसते गए। जब भिलाई के एक व्यक्ति ने शिकायत दुर्ग पुलिस में की। तब IPS प्रभात कुमार ने साइबर साक्ष्यों के आधार पर ठगी के तार से तार जोडऩा शुरु किया। 5 करोड़ की ठगी का आरोपी बाप- बेटे का सुराग मिला। पुलिस की टीम ने आरोपियों को बिहार नवादा से गिरफ्तार कर लाया गया। आरोपी रामप्रवेश प्रसाद और उसका बेटा सूरज कुमार प्रसाद के कब्जे से एक लैपटाप, टैब, 15 मोबइल और 4 लाख 69 हजार 150 रुपए नकद जब्त किया। पुलिस ने बैंक एकाउंट से लाख रुपए को फ्रीज कराया। फरार मुख्य आरोपी सुभाष कुमार फरार हो गया।

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बिहार नवादा में पकड़ाए आरोपी रामप्रवेश प्रसाद और सूरज कुमार प्रसाद से पूछताछ की। पता चला नवादा क्षेत्र अपराध का गढ़ है। आरोपी का पूरा परिवार इसमें शामिल है। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खाता के आधार पर आरोपी के घर का पता मिला। दो टीम को उनकी रैकी के लिए नवादा भेजा गया। टीम ने जब उनकी पूरी कुंडली निकाली। फिर यहां से दूसरी टीम को रवाना किया गया। आरोपी राम प्रवेश प्रसाद और उसका बेटा सूरज प्रसाद को गिरफ्तार किया। एक आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहा। बता दें इन आरोपियों के गिरफ्तार करने 17 राज्यों की पुलिस ढुंढ रही थी, लेकिन दुर्ग पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने का ऐसा जाल फैलाया। बाप और बेटा फस गए। आरोपियों के कब्जे से 5 लाख रुपए नकद और 11 लाख रुपए बैंक में फ्रीज कराया गया।

250 वेबसाइट फर्जी बनाई, शुरु की ऑनलाइन ठगी

आईपीएस प्रभात कुमार झा ने बताया कि ठग ने बड़ी कंपनियों की 250 फर्जी बेवसाइड बनाई। फिर एक वर्ष के लिए डोमेन लिया। इसके बाद कापी की गई बेवसाइड को एडिट कर अपना मोबाइल नम्बर और अन्य डिटेल अपलोड कर देता था। जिसे KFC फ्रेंचायजी की जरुरत है। जो भी गुगल को सर्च करता था। वह उनकी फर्जी बेवसाइट के संपर्क सम्पर्क में आता था। उनकी झांसे में फस जता थे।

BA पास है आरोपी, ऑनलाइन ज्ञानी

एसपी ने बताया कि आरोपी सूरज ने पूछताछ में बताया कि वह बीए की पढ़ाई किया है। उसे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 7 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया। उसी दिन से आरोपी सूरज आनलाइन ठगी में घुसा। दिल्ली के एक्सपर्ट ट्रेनर से टेक्नीकल नालेज लिया। इसके बाद ऑनलाइन ठगी करने लगा।

10 दिनों तक सर्च किया, आरोपी लगा हाथ

पुलिस ने बताया कि उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने दो टीम को रैकी के लिए भेजा गया। दरअसल नवादा गांव क्रेमिनल गांव था। यहां हिमांचल पुलिस के साथ मुठभेड भी हो चुका था। इस लिए दुर्ग पुलिस ने यहां से रैकी टीम को बिहारी वेषभूषा में भेजा गया। वहां टीम गुटखा चबाते 10 दिन बिताई। उनकी पूरी रैकी की। आईपीएस प्रभात कुमार झा ने टीम के साथ जूम मीटिंग कर ऑपरेशन तैयार किया। फिर यहां से टीम रवाना हुई। बलवापर वारसलीगंज में धेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।