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भिलाई में दो अवैध घुसपैठिए बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, डेट ऑफ बर्थ चेंज कर मामा-भांजी की जोड़ी ने बना लिए थे दस्तावेज

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@भिलाई. Two illegal intruders Bangladeshi nationals arrested in Bhilai छत्तीसगढ़ के भिलाई में एसटीएफ की टीम ने दो और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार घुसपैठिए में एक पुरुष और महिला शामिल है। मंगलवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए से जुड़ी अहम जानकारी दी। पुलिस प्रवक्ता एएसपी पद्मश्री तवर ने बताया कि अवैध रूप से भारत बांग्लादेश सीमा से प्रवेश कर अपनी पहचान छिपाते हुए फर्जी नाम से लगभग 10-12 वर्षों से भारत में रह रहे थे।

दोनों के खिलाफ की कार्रवाई

दोनों आरोपियों ने फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज, नाम, पता के आधार पर जन्मतिथी बदलकर आधार कार्ड, पेन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और बैंक पासबुक बनाकर इसका दुरूपयोग कर रहे थे। जब इनके मोबाइल की जांच की गई तो बांग्लादेश की नागरिकता संबंधी पासपोर्ट, पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मिले।
दोनों के विरूद्ध बीएनएस अधिनियम 2023, विदेशी नागरिक विषयक अधिनियम 1986, भारतीय पासपोर्ट अधिनियम 1967, एवं पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अब तक सात की गिरफ्तारी

छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से घुसपैठ कर रहने वाले बांग्लादेशी/रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें वापस भेजे जाने की कार्रवाई के लिए विशेष कार्य बल का गठन किया गया है। जिसके द्वारा अब तक दुर्ग जिले में रहने वाले 7 बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्रवाई की गई है।

सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

अवैध घुसपैठियों की पहचान कार्रवाई के क्रम में 3 जून को जानकारी प्राप्त हुई कि कैम्प-2 अमन लकड़ी टाल के पास एक किराये के मकान में एक संदिग्ध बांग्लादेशी पुरूष और एक महिला अपना मूल पहचान छिपाते हुए फर्जी नाम से रह रहे है। उक्त सूचना की तस्दीकी एवं अग्रिम कार्रवाई हेतु एसटीएफ को निर्देशित किया गया।

पूछताछ में दी गलत जानकारी

एसटीएफ टीम और छावनी पुलिस ने दोनों संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ की। एक ने अपना नाम मोहम्मद अली शेख, पिता ईमान शेख, निवासी बुधाखली गोलाबारी, जिला दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल और महिला ने अपना नाम साथी शेख पिता होचन शेख, संदेशखली, गोलाबारी जिला दक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल बताया। दोनों संदिग्ध बांग्लादेशी महिला, पुरुष के कब्जे से प्राप्त दस्तावेज और मोबाइल डाटा का विस्तृत विश्लेषण एवं जांच किया गया।

दस्तावेज भी बनाया

जांच पर पाया गया कि मोहम्मद अली शेख का वास्तविक नाम मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन पिता अब्दुल सत्तार खंदोकर, उम्र 48 वर्ष निवासी गा्रम राजबाडिय़ा पोस्ट हरिदापोटा, झिकारगाछा, जिला जेस्सोर बांग्लादेश है। उसने वर्ष 2012 में भारत बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पारकर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में बस गया था। वहीं पर हुसैन शेख की लड़की से शादी कर उसकी मदद से मोहम्मद अली शेख के फर्जी नाम से जन्मतिथी बदलकर भारतीय नागरिकता संबंधी फर्जी एवं कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड बनाया। आरोपी विगत 5-6 माह से कैम्प-2 में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। जांच में मोहम्मद अब्दुल रौब हुसैन द्वारा मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले रिश्तेदारों से लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई। पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकता से संबंधित फोटो परिचय पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, बांग्लादेशी पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज जब्त कर लिया है।

महिला किराए के मकान में मिली

बांग्लादेशी महिला साथी शेख पिता होचन शेख निवासी संदेशखली, गोलाबारी, दक्षिण 24 परगना से पूछताछ पर उसका असली नाम साथी खातून पिता मोह0 जमशेर सरदार निवासी निरबासखुला, माटीकुमरा, झिकारगाछा जेस्सोर बांग्लादेश होना पाया गया। जो वर्ष 2014 में अवैध रूप से भारत बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में प्रवेश कर अवैध रूप से रह रही थी। विगत लगभग 7-8 माह से कैम्प-2 छावनी में किराए के मकान में रह रही थी।

इसने अपने मामा मोहम्मद अब्दुल रौब के सहयोग से बांग्लादेशी नागरिकता के मूल पहचान को छिपाते हुए छलपूर्वक कूटरचना कर जन्मतिथी में परिवर्तन कर भारतीय नागरिकता संबंधी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक बना लिया था। प्रकरण में दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को सहयोग करने, संरक्षण देने एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के षडयंत्र में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।

 

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