देश में 45 लाख से ज्यादा यूजर्स, हर महीने 350 करोड़ का खेल
CG Prime News@भिलाई. दुबई से संचालित ऑनलाइन सट्टा एप महादेव के संचालकों की गिरफ्तारी को लेकर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिकंजा कसने लगी है। इन सटोरियों को पकडने के लिए ईडी इंटरपोल की मदद लेगी। जिससे दुबई, श्रीलंका, पाकिस्तान समेत अन्य देशों में नेटवर्क चलाने वालों तक पहुंचा जा सके। इसके लिए केंद्र सरकार को पत्राचार करना शुरु कर दिए। ताकि सटोरिया सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, राज गुप्ता, अतुल अग्रवाल समेत अन्य गैब्लर्स को भारत लाया जा सके।
महादेव एप के जरिए हवाला करने वाले लोगों के खिलाफ ईडी लगातार रायपुर में कार्रवाई कर रही है। ईडी ने एएसआई चंद्रभुषण वर्मा और सतीश चंद्राकर से मिले इनपुट के आधार पर इस खेल में शामिल लोगों से पूछताछ कर रही है। ईस बीच ईडी को सटोरिए सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल समेत अन्य सट्टेबाजों के इनपुट मिले है। इस कारोबार को चलाने के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे है। छत्तीसगढ़ भिलाई से सैकड़ों युवाओं को रोजगार का झांसा देकर दुबई ले गया है। दुबई में बैठे सट्टा किंग की गिरफ्तारी को लेकर गृह मंत्रालय की मदद ली जा रही है। ईडी को मिले ईनपुट के आधार पर अब तक देशभर में 45 लाख से ज्याद युजर्स महादेव एप से जुडे है। इनके जरिए हर महीने 350 करोड़ का कलेक्शन किया जा रहा है। भारत के रुपए को हवाला के जरिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे संरक्षण देने वाले सफेदपोश, पुलिस अधिकारियों और सट्टा खेलाने वालों तक पैसा पहुंच रहा है।
ताशपत्ती खेलने वाला बन गया आनलाईन सट्टा किंग
मदरटरेसा नगर कैंप एरिया भिलाई में रहने वाला सौरभ चंद्राकर 12 वीं पास किया। उसे शुरु से हुक्का गुडगुड़ाने और ताशपत्ती में रुचि रही। वर्ष 2011-12 से कचरा भट्टी के पास नाले के ऊपर सट्टा पट्टी लिखने लगा। इसके बाद वर्ष 2015-16 में उसने जूस फैक्ट्री डाला। इसके बाद सौरभ ने डिजिटल सट्टा शुरु करने का प्लान किया। अपने सट्टा प्लान को कई इनवेस्टर्स को अपना प्लान बताया। इसी दरमियान व्यापारी रवि उप्पल से उसकी मुलाकात हुई। रवि को सौरभ का प्लान पसंद आया। इसके बाद रवि उप्पल ने उसके प्लान पर भरोसा कर एक भिलाई इस्पात संयंत्र के बड़े-बड़े ठेकों में मध्यस्तता की भूमिका निभाने वाले कथित समाजसेवी से मुलाकात कराई। इसके बाद ऑनलाइन सट्टा एप महादेव की शुरुआत की।
डिजिटल सट्टा खेलाने तैयार कराया एप्लीकेशन, बन गया अरबपति
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018-19 में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दोनों मिलकर शुरुआत की। डिजिटल सट्टा का एप्लीकेशन हैदराबाद से तैयार कराया। वहीं इसका प्रशिक्षण भी लिया। फिर साउथ के ऑनलाइन सट्टा रेड्डी अन्ना के संचालक अन्ना रेड्डी से संपर्क कर एक महीने तक प्रशिक्षण लिया। उसने आईडी के बारे में जानकारी दी। इसके बाद दुर्ग के एक सराफा करोबारी से संपर्क कर इनवेस्ट कराकर दाव खेला। करीब डेढ साल तक भिलाई से शुरुआत की। फिर दुर्ग भिलाई के 8 से 10 इनवेस्टर सौरभ से जुडकर इनवेस्ट किया। वर्ष 2021 में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कार्रवाई की डर से दुबई भाग गए। फिर विदेशी हैकर्स से मुलाकात कर महादेव एप एप्लीकेशन को सुरक्षित कराया। इसके बाद भिलाई के राज गुप्ता, रायगढ़ अतुल अग्रवाल समेत अन्य विश्वासी युवकों को साथ में जोड़ लिया। 10 करोड़ से कारोबार शुरु कर इस एप के जरिए तीन से चार साल में अरबपति बन बैठा।
श्रीलंका में शिफ्ट किया सेटअप
जानकारी मिली है कि महादेव एप काला कारोंबार से सौरभ को अच्छी कमाई होने लगी। इस बीच दुबई के डी कंपनी की नजर उसके कारोबार पर पड़ी। डी कंपनी ने दबाव बनाया। फिर एक पाकिस्तानी और दुबई के शेख को पार्टनर बनाने की जानकारी मिली है। अब ईडी के यह भी पता चला है कि महादेव एप्लीकेशन का 80 फीसदी कारोबार श्रीलंका से कर रहा है। वहां पूरा सेटअप तैयार कर दुर्ग भिलाई के युवकों को भेजा है।

