@Dakshi sahu Rao
CG Prime News@बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के 1994 बैच के आईपीएस जीपी सिंह को बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। IPS पर लगाए गए राजद्रोह के केस की प्रोसिडिंग पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उनके सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां, फटे हुए पन्ने और पेन ड्राइव मिली थीं। जिसकी जांच में सरकार विरोधी गतिविधियों की बात सामने आई थी। इसी के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया।
एंटी करप्शन ब्यूरो के शिकंजे में फंसे छत्तीसगढ़ के सस्पेंड अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आईपीएस जीपी सिंह पर पुलिस ने राजद्रोह के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस की एफआईआर को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें उन्होंने षड्यंत्र के तहत झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है।
कैट ने दी थी राहत
इसके पहले 30 अप्रैल को छत्तीसगढ़ पुलिस के सीनियर अधिकारी आईपीएस जीपी सिंह को कैट (केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण) से बड़ी राहत मिली थी। कैट ने चार सप्ताह में जीपी सिंह से जुड़े सभी मामलों को निराकृत कर बहाल किए जाने का आदेश दिया था। जुलाई 2023 में राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी।
बर्खास्त की उड़ी थी अफवाह
जीपी सिंह पर 2022 में छत्तीसगढ़ सरकार ने राजद्रोह का केस दर्ज किया था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि बाद में हाईकोर्ट से जमानत ले ली थी। सिंह को लेकर एक अफवाह ये भी थी कि उन्हें बर्खास्त किया गया है, लेकिन ऐसा नहीं था।

