Video: दुर्ग के आरोग्यम हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, पत्नी बोली- लूटते रहे पैसा

CG Prime News @दुर्ग. छत्तीसगढ़ की दुर्ग जिले में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा कर दिया। पूरा मामला दुर्ग के कादंबरी नगर स्थित आरोग्यम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का है। यहां शनिवार को एक मरीज की इलाज के दौरान मौत होने के बाद मरीज की पत्नी ने अस्पताल बंधन पर गंभीर आरोप लगाया। वहीं उपचार कर रहे डॉक्टरों को लेकर मृतक की पत्नी ने कहा कि डॉक्टर के गलत उपचार के कारण उसके पति की मौत हो गई है। मृतक भानुप्रतापुर निवासी महेश सचदेव सिंधी समाज के पूर्व अध्यक्ष थे।

मृतक की पत्नी ने मीडिया के सामने बताया कि उसके पति का ढाई साल से उपचार चल रहा है। वह डायलिसिस पर थे। किडनी और लीवर दोनों खराब था। इसी बीच कुछ दिन पहले मरीज को सीने में हल्के दर्द की शिकायत हुई। जिस पर उन्होंने आरोग्यम हॉस्पिटल के डॉक्टर से फोन पर सलाह ले कर उनके बताए दवाई को मरीज को दिया। जिसके बाद मरीज की तबियत सुधर गई।

डॉक्टर की सलाह से वह मरीज को आरोग्यम हॉस्पिटल लेकर आई। जहां पर अस्पताल के डॉक्टर ने बिना मरीज को जांच किए सीधा उसे icu में एडमिट कर दिया। मरीज की पत्नी ने बताया कि रातभर इलाज के नाम पर कभी 50,000 कभी 25,000 कभी 5000 अस्पताल प्रबंधन ने जमा कराएं। इस बीच अस्पताल के सीनियर डॉक्टर ने कहा कि हार्ट अटैक की आशंका के चलते एंजियोप्लास्टी करना पड़ेगा।

अस्पताल के तीन डॉक्टरों ने मिलकर एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया शुरु की। इसी बीच मरीज का BP डाउन हो गया। कुछ देर बाद जब मरीज की पत्नी ने पति से मिलने के लिए अनुमति मांगी तो डॉक्टरों ने मना कर दिया। फिर भी मरीज की पत्नी जबरदस्ती ICU रुम में घुस गई। जहां पर देखा कि मरीज की आंखें बंद थी। उसने नर्स से पूछा तो उसने जवाब दिया कि उसका BP लो है। दवाई दे रहे हैं लेकिन उसके शरीर में किसी तरह की कोई हरकत नहीं थी। मरीज की मौत हो चुकी थी। अस्पताल प्रबंधन लगातार कई घंटों तक मुझे गुमराह करते रहा। कहते रहे कि उनकी सांसे चल रही है। जबकि उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतक की पत्नी ने बताया कि जब परिजनों ने डॉक्टरों से पूछा तो डॉक्टर AIIMS ले जाने की सलाह देने लगे। कुछ देर बाद फिर मुझे बताया कि उनकी मौत हो गई है। डॉ. हमारे परिवार को गुमराह करते रहे। एक मरे हुए व्यक्ति के इलाज के नाम पर हमसे पैसा वसूलते रहे। मरीज की पत्नी ले इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से करने की बात कही है।

दुर्ग के आरोग्यम हॉस्पिटल में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इलाज के दौरान कई मरीजों ने लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई है। वहीं स्वास्थ विभाग ने भी यहां पर आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा बंद कर दी है। इधर भानुप्रतापुर के मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने सही उपचार किया है। मरीज का किडनी और लीवर दोनों खराब था। ऐसे में उनकी कंडीशन पहले से ज्यादा क्रिटिकल थी। डॉक्टर्स ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी का गलत उपचार करने का आरोप सही नहीं है।