Wednesday, February 11, 2026
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कोरोना के बाद दुनिया में mpox वायरस की एंट्री, भारत सरकार अलर्ट

by Dakshi Sahu Rao
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नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस सप्ताह की शुरुआत में मंकी पॉक्स वायरस को “सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित कर दिया है, जिसके बाद पूरी दुनिया में इस वायरल को लेकर डर फैल गया है। वहीं, अफ्रीका के बाहर  दो देशों ने एमपॉक्स के मामलों की सूचना दी है।

क्लेड 1 के रूप में जाना जाने वाला वायरस का एक अपेक्षाकृत नया स्ट्रेन 2022 से अफ्रीकी देशों में फैल रहा है और ऐसी आशंका है, कि कुछ ही दिनों में ये वायरस दुनिया के कई देशों में फैल सकता है। ऐसी स्थिति में इस वायरस को कंट्रोल करने के लिए एहतियातन कदम उठाए जाने लगे हैं।

इस साल की शुरुआत में, यह बताया गया था, कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में अब तक का सबसे बड़ा ऑउटब्रेक देखा जा रहा है, जहां जून महीने तक दसियों हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। DRC की सरकार ने दिसंबर 2022 में इसे महामारी घोषित कर दिया था। पिछले हफ्ते, अफ्रीका CDC ने बताया था, कि अब कम से कम 13 अफ्रीकी देशों में mpox का पता चला है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में, एजेंसी ने कहा है, कि मामले 160 प्रतिशत बढ़े हैं और मौतों में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

लिहाजा, ये जानना जरूरी हो जाता है, कि अभी तक किन किन देशों में ये वायरस फैला है, इस बीमारी से शरीर कैसे प्रभावित होता है और अपने आप को इसके संक्रमण से कैसे बचाएं?

गुरुवार को, स्वीडिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में एमपॉक्स के पहले मामले की सूचना दी है, जिसमें पुष्टि की गई कि यह क्लेड 1 स्ट्रेन था। स्वीडिश मीडिया ने कहा, कि व्यक्ति अफ्रीका में संक्रमित हुआ था और अब उसका इलाज चल रहा है।

क्लेड 1 के कारण गंभीर संक्रमण की संख्या ज्यादा होती है और यह यौन संपर्क सहित नियमित निकट संपर्क के माध्यम से ज्यादा आसानी से फैलता है। शुक्रवार को, यूरोपीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) ने अपने जोखिम चेतावनी स्तर को “कम” से बढ़ाकर “मध्यम” कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के बीच उच्च स्तर की जागरूकता बनाए रखने को कहा है।

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