प्लेन सीएस और आईटी में बीटेक के बाद साइबर सिक्योरिटी की डिमांड अधिक, माइनिंग इंजीनियरिंग से लाखों के पैकेज

आयु सीमा हटी, शून्य अंक पर भी कॉलेजों में प्रवेश, छात्रों को राहत हो इसलिए डीवीसी केंद्र बंद, इंजीनियरिंग में ग्रोथ आएगी

भिलाई . छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) से प्री इंजीनियरिंग टेस्ट यानी पीईटी के नतीजे जारी होने के बाद अब कुछ दिनों में काउंसलिंग का आगाज होगा। इस साल तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश ग्राफ बेहतर रहने की उम्मीद है। एक्सपर्ट कह रहे हैं कि कंप्यूटर साइंस का क्रेज बूम पर है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद सबसे ज्यादा रुझान साइबर सिक्योरिटी की तरफ है। जब इंडस्ट्रीज में भी इस कोर्स के एक्सपर्ट की खूब डिमांड है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में अब रोजगार की संभावनाएं बढ़ गई है। बीते दो साल के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में सबसे ज्यादा कंप्यूटर साइंस से जुड़े ब्रान्च और फिर माइनिंग में बीटेक पसंदीदा ब्रांच बना हुआ है। इसके साथ ही बीटेक एग्रीकल्चर भी इंजीनियरिंग का हॉट केक ब्रांच है।

इस साल होगा बेहतर प्रवेश

बीते साल इंजीनियरिंग की काउंसलिंग के बाद बीटेक ब्रांचेस में 48.80 फीसदी एडमिशन हुए थे। यह आंकड़ा इस साल और बढ़ेगा। इसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों ने खुद को अपग्रेड किया है। बेहतर फैकल्टी और प्रयोगशालाओं के साथ स्टूडेंट्स को अच्छा प्लेसमेंट देने की कोशिश होगी।

नियम में हुए तीन बड़े बदलाव

शून्य पर भी प्रवेश – काउंसलिंग के नए नियम से पीईटी की परीक्षा में शून्य अंक वाले छात्रों को भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिल सकेगा। पहले 10 फीसदी अंक जरूरी थे।
डीवीसी सेंटर बंद – इस साल आपको सिर्फ काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन करना होगा। दस्तावेज सत्यापन केंद्र जाने जरूरत नहीं होगी, क्योंकि इस साल से डीवीसी बंद किया गया है।आयु का बंधन नहीं – इंजीनियरिंग सहित तमाम संकायों में प्रवेश के लिए पहले एक निश्चित आयु सीमा का बंधन होता था, जिसे अब हटा दिया गया है। यानी अब आपकी आयु १९ वर्ष है या ७९ आप एडमिशन ले सकेंगे।

लॉन्च हो रहे नए कोर्स

इंजीनियरिंग के ऐसे ब्रांच जिनमें दाखिले के लिए बाहरी राज्यों के कॉलेजों का रुख करना होता था, वह ब्रांच अब छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी शुरू कर दी गई है। सीएस की नई-नई ब्रांच लगातार शुरू हो रही है। इसी तरह सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी ब्रांच का चार्म अभी बरकरार है।

डॉ संजीव शुक्ला, डायरेक्टर, रूंगटा आर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज ने बताया की सीएस, आईटी के बाद सबसे ज्यादा रुझान बीटेक इन साइबर सिक्योरिटी को लेकर दिखाई दे रहा है। पिछले 1 साल में ही देश की नमी कंपनियों ने साइबर सिक्योरिटी के एक्सपर्ट को हायर किया है। इस ब्रांच के विद्यार्थियों को अच्छे प्लेसमेंट भी ऑफर किया जा रहे हैं।