CG Prime News@दुर्ग. Durg collector jandarshan दुर्ग जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में विभिन्न विभागों से संबंधित 117 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर उत्तम धु्रव ने जनदर्शन में पहुंचे, जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई कर आवश्यक पहल करने के लिए मार्क किया।
आर्थिक सहायता के लिए दिया आवेदन
जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने, बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदलने, राशन कार्ड से नाम हटवाने/जुड़वाने, पानी निकासी हेतु नाली की व्यवस्था, पेय जल एवं तालाबों में निस्तारी पानी भरने संबंधी सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 117 आवेदन प्राप्त हुए।
ई-केवायसी जरूरी
राशन कार्ड से खाद्यान्न न मिलने के एक प्रकरण में खाद्य विभाग अधिकारी ने आवेदक को अवगत कराया कि खाद्यान्न प्राप्ति हेतु ई-केवायसी आवश्यक है। उन्होंने अवगत कराया कि स्वयं के एनड्राइड मोबाइल पर माय ई-केवायसी डाउनलोड कर आवेदक स्वयं भी ईकेवायसी कर सकते है। इस अवसर पर समाज कल्याण नगरी निकाय, खाद्य राजस्व सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग नगर निगम ने 44 करोड़ के बजट और कचरा निपटान व्यवस्था का दिया विवरण
दुर्ग नगर पालिक निगम द्वारा मिशन क्लीन सिटी योजना के अंतर्गत शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में सभी एस.एल.आर.एम. सेंटर क्रियाशील हैं। इन केंद्रों की कार्यप्रणाली मुख्य रूप से मानवीकृत है। जहाँ स्वच्छता दीदियों द्वारा वार्डों से प्राप्त कचरे का निपटान हाथ से किया जाता है। व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाने के उद्देश्य से समस्त सेंटरों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और मशीनीकरण (तकनीकी उन्नयन) का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है।
8 नवीन एसएलआरएम सेंटर के निर्माण को स्वीकृति
शहर की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए बुनियादी ढांचे में विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत शासन से 8 नवीन एस.एल.आर.एम. सेंटरों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 3 केंद्रों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और शेष 5 केंद्रों के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, एक नए प्रोसेसिंग प्लांट की निविदा प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डंपिंग यार्ड में आग लगने जैसी घटनाएं अक्सर कचरे में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों या बाहरी तत्वों की शरारत के कारण होती है। जिसे निगम की लापरवाही मानना उचित नहीं है, क्योंकि निगम पूर्णत: जीरो वेस्ट की नीति पर कार्य कर रहा है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था हेतु आवंटित 44 करोड़ के बजट के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि यह राशि केवल कचरा फेंकने के लिए नहीं है।
इस बजट का उपयोग पूरे शहर की व्यापक सफाई, हजारों सफाई कर्मियों के वेतन भुगतान, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, मशीनों के रख-रखाव और भविष्य के लिए प्रस्तावित वेस्ट-टू-कम्पोस्ट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जा रहा है। नगर पालिक निगम दुर्ग शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्ध है।
