CG Prime News@दुर्ग. family suicide case in durg chhattisgarh दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक हंसता खेलता परिवार एक रात में उजड़ गया। एक ही घर से चार लोगों की लाशें मिली। जिनमें पति-पत्नी और दो मासूम बच्चे शामिल है। इस घटना का एक मानवीय पहलू सामने आया है। जिसने पूरे परिवार को अंदर तक हिला दिया है। जिन बच्चों को सीने से लगाकर बड़ा किया, उन्हीं बच्चों को अपने हाथों से मारने से पहले एक मां ने आखिरी संदेश अपने माता-पिता के नाम लिखा।
बच्चों को नींद का इंजेक्शन दे दिया
मम्मी-पापा, मामा सॉरी….जीते-जी तो आप लोगों को कभी सॉरी नहीं बोल पाई लेकिन मरने से पहले मैं सॉरी बोल रही। जिस इंसान पर भरोसा करके मैं जीवन में आगे बढ़ी वही पति दगाबाज निकला। उसे बहुत समझाया, लेकिन वो नहीं समझा। अब मैं ऐसी परिस्थिति पैदा कर दूंगी कि वह जीते-जी ही मर जाएगा। यही उसकी सजा होगी।
मैंने अपने बच्चों को नींद का इंजेक्शन दे दिया है। बेहोशी की हालत में उनका रस्सी से गला घोंट दिया। जिसके बाद मैं भी उसी रस्सी से फंदा बनाकर झू रही हूं। सॉरी…. पुलिस को ये सुसाइड नोट चंचल साहू से मिला है। पुलिस को आशंका है, पत्नी और बच्चों को मरा हुआ देखकर पति गोविंद साहू उम्र 45 वर्ष ने भी फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। एक पल में परिवार उजड़ गया। कुछ दिन पहले ही चारों तिरूपति बालाजी के दर्शन करके लौटे थे। चंचल ने गोविंद से लव मैरिज किया था। इस मामले में एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह बताई जा सकेगी। अभी मामले की जांच की जा रही है।

जिंदा रहते सॉरी नहीं बोली, बच्चों और खुद को मारने से पहले सॉरी, मम्मी-पापा
अलग-अलग कमरे से मिली लाश
शुक्रवार सुबह जब आर्य नगर के साहू परिवार के बाकी सदस्यों ने दरवाजा खटखटाया तो किसी की आहट नहीं मिली। खिड़की से अंदर झांक कर देखा तो बेटा फंदे पर लटका हुआ था। जिसके बाद साहू परिवार में हड़कंप मच गया। जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो नजारा दिल दहला देने वाला था। सामने हॉल में पति गोविंद साहू फंदे से झूल रहा था।
अंदर कमरे में पत्नी चंचल साहू उम्र 40 वर्ष फंदे पर लटकी थी। बिस्तर पर 13 साल की बेटी दृष्णा साहू और 11 साल का बेटा यशांत साहू मृत अवस्था में लेटे हुए थे। पुलिस ने सभी चारों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर घर में मौजूद बुजुर्गों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। फिलहाल मोहन नगर थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गोविंद साहू शेयर ट्रेडिंग का काम करता था
गोविंद और चंचल के दोनों बच्चे केपीएस नेहरू नगर में पढ़ाई करते थे। बेटा इस साल ने 5वीं की परीक्षा पास कर 6वीं में प्रवेश कर लिया है। वहीं बेटी 8वीं पास कर 9वीं कक्षा में गई थी। पति गोविंद साहू शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। भिलाई के प्रियदर्शनीय परिसर में ऑफिस है। मृतक गोविंद साहू का एक भाई राधिका नगर में रहता है और बाकी के तीन भाई दुर्ग के आर्य नगर स्थित घर में एक साथ रहते हैं। तीनों भाई अलग नहीं हुए थे और एक ही चुल्हे पर तीनों भाई की फैमिली का खाना बनता था। गोविंद साहू 8 दिन पहले ही बालाजी दर्शन करके दुर्ग लौटा था। इनके आने के बाद बाकी 2 भाई अपने परिवार के साथ पूरी घूमने गए थे और कल रात में ही लौटे थे।
कॉल डिटेल की जांच जारी
हालांकि, पुलिस ने आत्महत्या के पीछे की वजहों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस घर से मिले साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
