Saturday, May 16, 2026
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छत्तीसगढ़ के स्थाई DGP बने IPS अरूण देव गौतम, CS ने जारी किया आदेश

मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@रायपुर. IPS Arun Dev Gautam Appointed Permanent DGP of Chhattisgarh IPS अरुणदेव गौतम को छत्तीसगढ़ का स्थायी (फुल-टाइम) पुलिस महानिदेशक (DGP) बनाया गया है। सरकार ने 17 महीने पहले उन्हें प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी दी थी। गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने 16 मई को इसका आदेश जारी किया।

मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है

IPS अरुण देव गौतम मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है। UPSC क्रैक कर IPS बने है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक भी मिल चुका है। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को कानपुर के पास स्थित उनके गांव अभयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्राइमरी स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर 10वीं और 12वीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की।

1992 बैच के IPS अधिकारी

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए किया। राजनीति शास्त्र में एमए किया। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। अरुण देव गौतम UPSC निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर जिले में सीएसपी बने।

झीरम कांड के बाद बस्तर IG बनाए गए थे

IG के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। अरुण देव बिलासपुर जिले के एसपी भी रह चुके थे। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया। 25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर-दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ। वे रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें। पिछले कुछ सालों से वे छत्तीसगढ़ के गृह सचिव के अलावा जेल और परिवहन विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं। इसके अलावा उन्हें नगर सेना, अग्निशमन सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

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