रायपुर. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे में 36 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। जिनमें से 19 की मौत हो गई है। वहीं 18 घायलों का अब भी अलग-अलग अस्पताल में उपचार चल रहा है। इधर
35 लाख सहायता राशि और नौकरी का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले पीएमओ ने मुआवजे की घोषणा की थी। पीएमएनआरएफ से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए देगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।
4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 13 की मौत रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में हुई। 2 की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया था। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ से हैं, जबकि बाकी 15 यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं।
कुछ मजदूर लापता
हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 18 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजन ने हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजन का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
1 करोड़ मुआवजा देने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 17 मजदूरों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है।

छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता पावर प्लांट का बॉयलर फटा
2 मजदूरों का इलाज रायपुर में जारी
रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल रायगढ़ में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूरों उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज जारी है।
12 छत्तीसगढ़ के रहने वाले
प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा का कहना है कि हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
