Thursday, May 21, 2026
Home » Blog » भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, 17.10 लाख रुपए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर, 2 आरोपी गिरफ्तार

भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, 17.10 लाख रुपए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर, 2 आरोपी गिरफ्तार

धमधा और पाटन थाना क्षेत्र में कुल 107 हितग्राहियों की लगभग 17 लाख 10 हजार रुपए धोखाधड़ी

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
cg prime news

CG Prime News@दुर्ग. dindayal upadhyay gramin bhumihin krishi majdur nyay yojana fraud in durg दुर्ग जिले के पाटन और धमधा जनपद पंचायत में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत हितग्राहियों की शासकीय राशि फर्जी बैंक खातों में हस्तांतरित कर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर हितग्राहियों के बैंक खातों के स्थान पर अन्य बैंक खातों का विवरण दर्ज किया था।

107 हितग्राहियों से धोखाधड़ी

धमधा और पाटन थाना क्षेत्र में कुल 107 हितग्राहियों की लगभग 17 लाख 10 हजार रुपए से अधिक की राशि फर्जी तरीके से अन्य खातों में हस्तांतरित की गई थी। जो पुलिस जांच में सामने आया है। तकनीकी जांच, बैंक दस्तावेजों एवं ऑनलाइन पोर्टल के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई की गई।

cg prime news

भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, 17.10 लाख रुपए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर, 2 आरोपी गिरफ्तार

जनपद पंचायतों ने दर्ज कराई शिकायत

17 मई को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा थाना धमधा में और 19 मई को जनपद पंचायत पाटन से थाना पाटन में लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली शासकीय प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में हस्तांतरित होने की शिकायत प्राप्त होना बताया गया।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

प्राप्त शिकायतों और दस्तावेजों के परीक्षण पर थाना धमधा क्षेत्र में कुल 44 हितग्राहियों की राशि लगभग 4,50,000 रुपये और थाना पाटन क्षेत्र में कुल 63 हितग्राहियों की राशि लगभग 12,60,000 रुपये अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित होना पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धमधा में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 318(4) बीएनएस एवं थाना पाटन में अपराध क्रमांक 176/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान बैंक दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य एवं ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी का विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपियों द्वारा योजना संबंधी खातों में सुधार हेतु प्राप्त लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया था। जिससे शासकीय राशि उनके खातों में हस्तांतरित होती रही।

जांच के दौरान कुछ राशि जमा की

आरोपियों द्वारा प्राप्त राशि को एटीएम एवं मोबाइल बैंकिंग माध्यमों से संचालित किया जा रहा था। शिकायत एवं जांच प्रारंभ होने की जानकारी मिलने पर कुछ राशि पुन: वापस जमा कर दी गई थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड एवं बैंक दस्तावेज जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

ऐसे किया धोखाधड़ी

आरोपियों को शासकीय योजना अंतर्गत हितग्राहियों के बैंक खातों में सुधार हेतु लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध था। आरोपियों द्वारा इसी अधिकृत एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए ऑनलाइन पोर्टल में हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया। इसके बाद शासकीय योजना की राशि संबंधित खातों में हस्तांतरित होने लगी। आरोपियों द्वारा मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम माध्यम से राशि का संचालन किया जा रहा था।

इन आरोपियों को किया गिरफ्तार

1. दीपक कुमार यादव, निवासी जिला दुर्ग।
2. लिलेश्वर यादव उर्फ रवि, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक 06 उडिय़ा बस्ती थाना कुम्हारी जिला दुर्ग।

 

 

You may also like