CG Prime News@भिलाई. Woman defrauded of 66,000 under the pretext of a home loan; 3 accused arrested दुर्ग जिले की नेवई थाना पुलिस ने फर्जी लोन के नाम पर ठगी करने वाले
गैंग का खुलासा किया है। शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने लोन दिलाने के नाम पर 66,500 रुपए की ठगी की थी। फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर चेक प्राप्त कर ठगी की घटना को अंजाम देते थे।
महिला ने की थी ठगी की शिकायत
नेवई थाना पुलिस ने बताया कि 9 अप्रैल को मौहारी भाठा निवासी महिला ने थाने में शिकायत की थी। जिसमें उसने बताया कि लोन दिलाने के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धोखाधड़ी की गई है। पीडि़त महिला ने बताया कि घर खरीदने के लिए लोन लेने की इच्छा व्यक्त करने पर आरोपियों ने पोस्टर के माध्यम से संपर्क किया। स्वयं को लोन उपलब्ध कराने वाला बताकर विश्वास में लिया।
आरोपियों द्वारा दस्तावेज प्राप्त कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए गए। लोन प्रोसेसिंग के नाम पर कुल 66,500 की राशि प्राप्त की गई। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा लोन उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रार्थिया को लगातार गुमराह किया जाता रहा। आरोपियों ने महिला को चेक के दुरुपयोग की धमकी दी। मामले में अपराध क्रमांक 225/2026 धारा 318(4), 316(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपियों की पहचान कर शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजा गया।
इन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
1. भूपेश भारती उर्फ राम उर्फ दुर्गेश, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम छाटा, थाना उतई, जिला दुर्ग
2. संजय जनबंधु, उम्र 35 वर्ष, निवासी कैम्प 02 शारदापारा, थाना छावनी, जिला दुर्ग
3. हेमंत गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता, उम्र 28 वर्ष, निवासी रूआबांधा बस्ती, थाना भिलाई नगर, जिला दुर्ग
इस टीम ने की त्वरित कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना नेवई के निरीक्षक अनिल कुमार साहू, उनि सुरेंद्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई और एसीसीयू भिलाई टीम की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के लोन या वित्तीय सेवा हेतु केवल अधिकृत बैंक अथवा संस्थाओं से ही संपर्क करें। किसी भी प्रकार के पोस्टर, फोन कॉल या अज्ञात व्यक्तियों के प्रलोभनों में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
