Monday, May 25, 2026
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डिजिटल अरेस्ट केस में बड़ा खुलासा: पिता-पुत्र गिरफ्तार, खाते में मिले 54 लाख रुपये

साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े “म्यूल अकाउंट” के जरिए करोड़ों की धोखाधड़ी, बिलासपुर रेंज साइबर थाना की कार्रवाई

by cgprimenews.com
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डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार पिता-पुत्र को लेकर जांच करती बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस।

बिलासपुर। Big revelation in digital arrest case: Father-son arrested, Rs 54 lakh found in their account. छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के भंडारा जिले से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम को ट्रांसफर करने में सहयोग देने का आरोप है। जांच में आरोपियों के खाते में 54 लाख 40 हजार रुपये की संदिग्ध राशि मिलने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

वरिष्ठ नागरिक महिला को बनाया था निशाना

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों ने एक वरिष्ठ नागरिक महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया। खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर महिला को डराया गया कि उनका नाम आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लगातार मानसिक दबाव और गिरफ्तारी का भय दिखाकर महिला को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये जमा करा लिए। पीड़िता की शिकायत पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बैंक खाते से खुला साइबर नेटवर्क का राज

तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 54.40 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना हुई और भंडारा जिले के गांधी वार्ड क्षेत्र से मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी और उसके पिता अब्दुल कयूम अंसारी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार यह खाता शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में उपयोग किया जा रहा था।

नेपाल कनेक्शन भी आया सामने

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर बैंक खाते अन्य साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। आरोपी का पिता भी इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और मुख्य आरोपियों से मोबाइल पर संपर्क में था। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों और पूरे साइबर नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।

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