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अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों के पास किए हमले, 170 मिसाइल-ड्रोन दागे

ईरान-अमेरिका संघर्ष तेज: बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले का आरोप, होर्मुज में बढ़ा तनाव; भारतीय तेल टैंकर लौटा

by Dakshi Sahu Rao
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अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों के पास किए हमले, 170 मिसाइल-ड्रोन दागे

CG Prime News@दिल्ली. ईरान ने अमेरिका पर बुशहर परमाणु बिजली फैसिलिटी के आसपास हवाई हमला करने का आरोप लगाया। जवाबी कार्रवाई में कतर, कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव का असर भारतीय जहाजों पर भी दिखा।

बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले का दावा

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने बुशहर परमाणु बिजली फैसिलिटी के आसपास हवाई हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला दोपहर करीब 12 बजे हुआ। वहीं अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पिछले दो दिनों के दौरान ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की भी खबरें सामने आई हैं।

अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों पर की कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हालिया सैन्य अभियान में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के तटीय क्षेत्रों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

ईरान का जवाब, अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा कि उसने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरानी सेना के मुताबिक, कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण क्षेत्र को निशाना बनाया गया। वहीं रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा भी किया है।

ट्रम्प का बयान, सीजफायर समझौता खत्म

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम (सीजफायर) समझौता अब प्रभावी नहीं है और अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ किसी नई डील की दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहता। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि धमकियों के माहौल में अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता संभव नहीं है।

होर्मुज संकट का असर भारतीय जहाज पर

लगातार बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ सुरक्षा कारणों से होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के तट से वापस लौट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर व्यापक असर पड़ सकता है।

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