Tuesday, September 15, 2026
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UPI Payment Charge: ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज

UPI पेमेंट पर शुल्क को लेकर नई बहस, वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन का हवाला

by Dakshi Sahu Rao
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UPI Payment Charge: ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज

CG Prime News@दिल्ली. UPI Payment Charge UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। हर ट्रांजैक्शन पर करीब 300 रुपए तक मैक्सिमम चार्ज देना होगा। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। प्रत्येक लेनदेन पर शुल्क की अधिकतम सीमा करीब ₹300 तक होने का दावा किया गया है। वहीं, ₹2,000 तक के UPI भुगतान को शुल्क से बाहर रखने की बात कही गई है। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान को भी इस छूट में शामिल किए जाने का उल्लेख है।

टैक्स कानून में संशोधन के बाद शुरू हुई चर्चा

UPI पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा अगस्त 2026 में संसद से Taxation and Other Laws (Amendment) Act, 2026 पारित होने के बाद शुरू हुई। इसके बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर लगने वाले संभावित शुल्क और उसके असर को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई।

UPI को बढ़ावा देने के लिए मिलता रहा इंसेंटिव

सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2021-22 से प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके तहत छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर इंसेंटिव दिए जाने की व्यवस्था रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2024-25 तक इस योजना के तहत करीब ₹8,276 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया। देश में UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जून 2026 तक करीब 55.5 करोड़ यूजर्स के UPI से जुड़े होने का दावा किया गया है। ऐसे में किसी भी शुल्क का असर करोड़ों ग्राहकों और व्यापारियों पर पड़ सकता है।


राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता चुपचाप खोल दिया है। उनका सवाल है कि यदि ग्राहक से सीधे शुल्क नहीं लिया जाएगा तो व्यापारियों पर लगने वाला शुल्क अंततः किससे वसूला जाएगा। वहीं, BJP नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि UPI पर शुल्क को लेकर विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है।

कैसे काम करता है UPI?

UPI के जरिए भुगतान करने के लिए यूजर को बैंक खाते से जुड़ा एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस बनाना होता है। इसके बाद मोबाइल नंबर या UPI ID के जरिए बैंक खाते से सीधे भुगतान किया जा सकता है। इसमें हर बार बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती।

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