Tuesday, August 18, 2026
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सरगुजा में बंदर ने 5 महीने की मासूम को पालने से उठाकर पानी के ड्रम में डाला

लखनपुर ब्लॉक के रजपुरी गांव की घटना, परिजनों की सूझबूझ से बची बच्ची की जान; अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के NICU में चल रहा इलाज, वन विभाग को दी गई सूचना

by Dakshi Sahu Rao
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सरगुजा में बंदर ने 5 महीने की मासूम को पालने से उठाकर पानी के ड्रम में डाला

CG Prime News@सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। लखनपुर ब्लॉक के ग्राम रजपुरी में एक जंगली बंदर ने घर में घुसकर पालने में सो रही पांच महीने की मासूम बच्ची को उठा लिया और उसे पानी से भरे ड्रम में डाल दिया। परिजनों ने समय रहते बच्ची को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल बच्ची का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के NICU (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।

गांव में घुसकर बंदर ने मचाया उत्पात

जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई की शाम करीब 4 बजे जंगल से एक जंगली बंदर रजपुरी गांव में घुस आया। बंदर ने कई घरों के आसपास उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीण डरकर अपने-अपने घरों में छिप गए। इसी दौरान बंदर सुदर्शन प्रजापति के घर में घुस गया, जहां उनकी पांच महीने की बेटी त्रिशिका प्रजापति पालने में सो रही थी।

पालने से उठाकर पानी के ड्रम में डाला

परिजनों के अनुसार, बंदर ने बच्ची को पालने से उठाया और भागते हुए उसे पानी से भरे नीले ड्रम में छोड़ दिया। परिवार के सदस्यों ने यह दृश्य देखते ही बंदर का पीछा किया। शोर-शराबा होने पर बंदर मौके से भाग गया। इसके तुरंत बाद परिजनों ने बच्ची को ड्रम से बाहर निकाला और बिना देर किए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुंचाया।


गंभीर हालत में किया गया रेफर

प्राथमिक उपचार के दौरान बच्ची के नाक और मुंह से पानी निकाला गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने बताया कि भर्ती के समय बच्ची की हालत गंभीर थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से अब उसकी स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है।

वन विभाग को सूचना, ग्रामीणों में डर का माहौल

घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली बंदर के अचानक गांव में आने और इस तरह की घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। लोग बच्चों को घर के बाहर अकेला छोड़ने से बच रहे हैं। वन विभाग से बंदर को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

 

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