CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिले में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पिछले दो दिनों में 600 से अधिक दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाते मिले नाबालिगों के मामलों में 67 अभिभावकों को बुलाकर समझाइश दी गई।
37 अभिभावकों की बैठक, भविष्य में वाहन नहीं देने का लिया संकल्प
27 जुलाई 2026 को दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के 37 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में यातायात पुलिस अधिकारियों ने मोटरयान अधिनियम के तहत लागू कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई और सड़क दुर्घटनाओं के संभावित खतरों की विस्तृत जानकारी दी।
वचन पत्र भरवाया
बैठक के दौरान सभी अभिभावकों से वचन-पत्र भरवाया गया, जिसमें उन्होंने यह लिखित आश्वासन दिया कि वे भविष्य में अपने नाबालिग बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति नहीं देंगे।

दोबारा नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में फिर से नाबालिग वाहन चलाते पाए गए तो मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
बैठक के दौरान अभिभावकों की ई-चालान संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया गया, जिससे उन्हें यातायात नियमों और ऑनलाइन प्रक्रिया की बेहतर जानकारी मिल सके।
स्कूलों में भी चल रहा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान
यातायात पुलिस दुर्ग प्रवर्तन के साथ-साथ जागरूकता अभियान पर भी विशेष जोर दे रही है। जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा तथा यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है।
विद्यार्थियों को समझाया जा रहा है कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाएं। साथ ही हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
