Monday, July 27, 2026
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दुर्ग जिले में सरपंचों ने खोला मोर्चा, बोले-मांगों पर ठोस कार्रवाई, नहीं तो करेंगे अनशन

ग्राम पंचायतों से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर जिला सरपंच संघ कलेक्ट्रेट पहुंचा।

by Dakshi Sahu Rao
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दुर्ग जिले में सरपंचों ने खोला मोर्चा, बोले-मांगों पर ठोस कार्रवाई, नहीं तो करेंगे अनशन

CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिले में अतिथि शिक्षकों के बाद अब सरपंचों ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सरपंच संघ ने दुर्ग कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायतों से जुड़ी समस्याओं और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर जिला सरपंच संघ कलेक्ट्रेट पहुंचा। जहां दुर्ग, धमधा और पाटन विकासखंड के करीब 200 सरपंचों ने एकजुट होकर 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

30 दिनों का दिया अल्टीमेटम

सरपंच संघ ने प्रशासन को प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दे डाली। सरपंचों ने कहा कि अगर 30 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर के सरपंच अनशन और शक्ति प्रदर्शन करेंगे। सरपंच संघ ने प्रधानमंत्री आवास योजना और वित्त आयोग पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि अपात्र लोगों को भी पात्र की श्रेणी में लाना चाहिए। वहीं मकान के पहले मंजिल निर्माण के लिए भी राशि स्वीकृत की जाने की मांग की।

30 दिनों का समय दिया

सरपंच संघ के अध्यक्ष विनय चंद्राकर ने कहा कि प्रशासन को 30 दिनों का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में 17 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिले के सरपंच लोकतांत्रिक तरीके से अनशन और शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री, केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री, संबंधित सांसद-विधायकों तथा जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी भेजी गई है।


मानदेय बढ़ाने की मांग

संघ की जिला पदाधिकारी जानकी चौपड़िया ने कहा कि जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध बनाई जाए। सरपंच संघ ने सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये, उपसरपंचों का 5 हजार रुपये और पंचों का 2 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी। साथ ही पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले सरपंचों को 5 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की भी मांग की गई।

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