Sunday, August 23, 2026
Home » Blog » 20 हजार रिश्वत मांगने के आरोप में कुम्हारी थाने का आरक्षक सस्पेंड

20 हजार रिश्वत मांगने के आरोप में कुम्हारी थाने का आरक्षक सस्पेंड

सड़क हादसे के केस में कोर्ट में  चालान पेश करने और जब्त कार छुड़ाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप; शुरुआती जांच में शिकायत सही मिलने पर पुलिस लाइन भेजा गया।

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
20 हजार रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में कुम्हारी थाने का आरक्षक सस्पेंड

CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिले में सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में कोर्ट में चालान पेश करने और जब्त वाहन छुड़ाने के नाम पर 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में कुम्हारी थाने में पदस्थ आरक्षक सोलोमन राजू को निलंबित कर दिया गया है। दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें आरक्षक का आचरण संदेहास्पद पाए जाने पर तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया। निलंबन के बाद आरक्षक को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

बेमेतरा जिले के देवकर निवासी विमलेश कुमार द्विवेदी ने एसएसपी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज सड़क हादसे के मामले का चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने और जब्त कार की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आरक्षक ने 20 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी पुलिसकर्मी ने पैसे भी ले लिए।

सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ पूरा मामला

शिकायत के अनुसार, यह मामला 27 दिसंबर 2025 को कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। विमलेश कुमार द्विवेदी की कार और सामने से आ रही एक बाइक की टक्कर में बाइक चालक घायल हो गया था। घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके इलाज का खर्च भी शिकायतकर्ता ने उठाया। उनका कहना है कि शुरुआत में किसी ने रिपोर्ट दर्ज कराने की इच्छा नहीं जताई, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।


खर्चा-पानी के नाम पर बार-बार मांगे गए पैसे

विमलेश का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बाद उन्हें बार-बार थाने बुलाया गया और अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे गए। उनकी नई कार को पुलिस ने जब्त कर लिया था। वाहन रिलीज कराने की प्रक्रिया के दौरान पहले 1,500 रुपए, फिर दस्तावेजों की फोटोकॉपी के नाम पर राशि ली गई और बाद में 20 हजार रुपए की मांग की गई।

जमानत प्रक्रिया में देरी का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यायालय में आवश्यक दस्तावेज जानबूझकर दोपहर बाद पेश किए गए, जबकि ऐसे मामलों में सामान्यतः पहले सत्र में दस्तावेज दाखिल किए जाते हैं। देरी के कारण वाहन की रिहाई नहीं हो सकी और अगली तारीख मिल गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुम्हारी थाने के दो-तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर उन्हें लगातार परेशान किया।

जांच जारी, आगे हो सकती है विभागीय कार्रवाई

एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होने पर आरक्षक सोलोमन राजू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

You may also like