CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। धान खरीदी के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को चारों ओर से घेरने का प्रयास किया। हंगामे के दौरान कांग्रेस के 30 विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
मुसवा के नाम पर सरकार को घेरा
विपक्षी दल ने मुसवा के नाम पर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि 2024-25 सीजन में किसानों से खरीदे गए बड़ी मात्रा में धान को चूहों ने खा लिया। कुछ धान भ्रष्ट अधिकारियों ने बेच दिया या रखरखाव के कारण खराब हो गया।
8500 करोड़ के नुकसान का दावा
कांग्रेस ने दावा किया कि इससे राज्य को करीब 8500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। वहीं सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने अवैध कब्जा करने वाले आरोपियों पर एक्शन और सख्त नियम बनाने की मांग की। मंत्री केदार कश्यप ने इस मुद्दे पर जवाब दिया लेकिन विपक्ष इससे असतुंष्ट नजर आया।
चूहे ने धान खाया, मंत्री ने ये आरोप खारिज किया
मंत्री बघेल के मुताबिक, 18.36 लाख टन अतिरिक्त धान का ऑनलाइन नीलामी के जरिए निपटान किया जा चुका है, जबकि करीब 1.60 लाख टन धान भंडारण केंद्रों और 67 हजार टन धान खरीदी केंद्रों में मौजूद है, जो कुल खरीदी का तीन प्रतिशत से भी कम है।
दयालदास बघेल ने इस आरोप को भी खारिज किया कि धान को चूहों ने खा लिया या भ्रष्ट अधिकारियों ने बेच दिया। उन्होंने कहा कि धान को सुरक्षित रखने के लिए कवर और कीट नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 2739 खरीदी केंद्रों में से 2728 केंद्रों पर स्टॉक का सत्यापन पूरा हो चुका है और बाकी 11 केंद्रों पर प्रक्रिया जारी है। भंडारण में नुकसान को लेकर 78 भंडारण केंद्र प्रभारियों और जिला मार्केटिंग अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
दो भंडारण केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
