CG Prime News@बिलासपुर.Student dies in Bilaspur Navodaya, students protest बिलासपुर जिले के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्र की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को स्कूल में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सभी छात्रों ने स्कूल गेट के सामने बैठकर विरोध-प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स स्कूल के बाहर धरने पर बैठकर कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। मामला मल्हार स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय का है।

बिलासपुर नवोदय में छात्र की मौत के बाद जमकर बवाल, धरने पर बैठे बाकी स्टूडेंट्स
कलेक्टर ने जांच के दिए आदेश
छात्र हर्षित यादव की मौत के बाद छात्रों ने भी इलाज में देरी और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नाराज छात्र और छात्राएं प्रबंधन के खिलाफ बुधवार को नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। जिसके बाद स्कूल गेट के बाहर बैठकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। इधर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 10 वीं के छात्र की मौत को गंभीर माना है। साथ ही एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
दाल की जगह पीला पानी और सब्जी में केवल आलू
छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बेहद घटिया स्तर का भोजन दिया जाता है। दाल में पीला पानी रहता है और दाल नहीं रहती। वहीं, सब्जी में केवल उबला आलू परोसा जाता है, जिसे छात्रों को मजबूरी में खाना पड़ता है। छात्रों ने बताया कि कई बार प्रबंधन से शिकायत की गई। लेकिन समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया जाता रहा। उलटे शिकायत करने पर डांटकर चुप करा दिया जाता था।
यह है पूरा मामला
शनिवार 22 नवंबर को स्कूल ने हर्षित के घर फोन करके बताया कि उसकी तबीयत खराब है। जब उसके पिता जयप्रकाश यादव स्कूल पहुंचे, तो हर्षित की हालत बहुत गंभीर थी। उन्होंने उसे अस्पताल ले जाने के लिए स्कूल की गाड़ी मांगी, लेकिन प्रबंधन ने कहा कि प्राचार्य गाड़ी लेकर मीटिंग में गए हैं, इसलिए बाहर से खुद इंतज़ाम करें या बाइक से ले जाएं।
गाड़ी भी नहीं दिया स्कूल ने
मजबूरी में पिता ने बेटे को कपड़े से बांधकर बाइक पर बैठाया और बिलासपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि उसे निमोनिया है और इलाज में देर नहीं होनी चाहिए थी। इसके बाद पिता हर्षित को घर ले आए। रविवार को हर्षित घर पर ही रहा, लेकिन सोमवार सुबह उसकी हालत अचानक फिर बिगड़ गई। परिवार उसे दोबारा बिलासपुर के उसी अस्पताल ले गया, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृत छात्र हर्षित के पिता जयप्रकाश यादव ने बताया कि स्कूल ने बच्चे की तबीयत बिगडऩे की जानकारी समय पर नहीं दी। जब हालत बहुत खराब हो गई, तभी उन्हें फोन किया गया। न तो समय पर इलाज मिला और न ही स्कूल ने अस्पताल ले जाने में कोई मदद की। प्रबंधन ने सिर्फ इतना कहा कि गाड़ी प्राचार्य लेकर गए हैं। इलाज में हुई देरी की वजह से उनके बेटे की जान चली गई।
