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कॉपर-टी लगाने में लापरवाही, प्रसव के एक महीने बाद महिला की मौत

केरसई PHC में 29 जुलाई को हुआ था प्रसव; परिवार का दावा- कॉपर-टी पेशाब की थैली में लगाई गई, डॉक्टरों ने दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट को बताया मौत की वजह

by Dakshi Sahu Rao
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कॉपर-टी लगाने में लापरवाही, प्रसव के एक महीने बाद महिला की मौत

CG Prime News@जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रसव के करीब एक महीने बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि प्रसव के बाद कॉपर-टी लगाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी थी। करीब एक महीने तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिला की मौत की वजह दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट बताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। पोस्टमॉर्टम भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में कराया गया है।

कॉपर-टी लगाने में लापरवाही, प्रसव के एक महीने बाद महिला की मौत

कॉपर-टी लगाने में लापरवाही, प्रसव के एक महीने बाद महिला की मौत

29 जुलाई को हुआ था प्रसव

केरसई निवासी प्रफुल्ला हंसदा का प्रसव 29 जुलाई 2026 को केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रसव के बाद महिला को 48 घंटे निगरानी में रखा गया। इसके बाद 31 जुलाई को नियमानुसार कॉपर-टी लगाई गई। परिजनों का आरोप है कि कॉपर-टी लगाने के बाद प्रफुल्ला को पेट में तेज दर्द सहित अन्य परेशानियां होने लगीं। हालत बिगड़ने पर 7 अगस्त को उसकी अल्ट्रासोनोग्राफी कराई गई। इसके बाद उसे हॉलीक्रॉस अस्पताल कुनकुरी से जेएमजे अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया।


रायगढ़ में हुआ ऑपरेशन

परिवार के मुताबिक रायगढ़ में महिला का ऑपरेशन किया गया और 11 अगस्त को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि 22 अगस्त को दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे संबलपुर के बुर्ला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद ओडिशा के कई अस्पतालों में उसका उपचार चला। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि कॉपर-टी गलत जगह यानी पेशाब की थैली में लगा दी गई थी। उसे निकालने के लिए करीब चार घंटे तक ऑपरेशन चला। इसी आरोप को लेकर परिवार ने अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के सामने विरोध जताया।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर सीएमएचओ जशपुर जीके जात्रा ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की। टीम ने पोस्टमॉर्टम किया है और मामले से जुड़े मेडिकल दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। CMHO जीके जात्रा के अनुसार परिजनों के आरोपों की जांच के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाई गई है। पोस्टमॉर्टम और एक्सपर्ट डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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