Sunday, April 12, 2026
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दुर्ग जिले में फैला अफ्रीकन स्वाइन फ्लू, 87 सुअरों की मौत

10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस क्षेत्र घोषित कर दिया

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग. African Swine Fever Spreads in Durg District दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू फैलने से हड़कंप मच गया है। जिले के मुड़पार गांव में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू फैलने से सुअरों की मौत के बाद इसका खुलासा हुआ है।

फार्म में लगातार हुई सुअरों की मौत

दरअसल, यहां 1 अप्रैल से गांव के एक सुअर फार्म में सुअरों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई और कुल 80 से अधिक सुअर तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत के शिकार हो गए।

PPE किट पहनकर जांच की

फार्म मालिक ने वेटेनरी विभाग को इसकी सूचना दी। तब दुर्ग जिले के वेटनरी विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने PPE किट पहनकर जांच की और सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए 2 अप्रैल को ही वेटेनरी विभाग ने सैंपल लेकर भोपाल स्थित ICAR के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेज दिए। रिपोर्ट 6 अप्रैल को आई रिपोर्ट में सभी सैंपल पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई

रिपोर्ट पॉजिटिव आई

विशेषज्ञों की सलाह पर बचे हुए 82 सुअरों को भी इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इसके बाद सभी मृत सुअरों को जेसीबी की मदद से गहरे गड्ढे खोदकर दफना दिया गया। अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। इस बीमारी में संक्रमित जानवरों की मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत होती है।

सुअर का मांस नहीं खाने की सलाह

घटना स्थल से एक किलोमीटर क्षेत्र को इन्फेक्टेड और 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। विभाग के अनुसार यह बीमारी केवल सुअरों तक ही सीमित है। यह इंसानों में नहीं फैलती है और न ही इंसानों के लिए खतरनाक है। फिर भी सावधानी के तौर पर संक्रमित सुअरों का मांस बिल्कुल नहीं खाने की सलाह दी गई है। फिलहाल, जिला प्रशासन ने इस फार्म हाउस को सील कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन इस बात की जांच में जुट गया है कि इन सुअरों को कहां से लाया गया था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यहां लाने से पहले इसे कहां-कहां भेजा गया था।

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