Thursday, July 23, 2026
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दुर्ग: छात्रों से मारपीट, सरकारी स्कूल की प्रधान पाठिका सस्पेंड, बच्चों ने लगाए गंभीर आरोप

विभागीय जांच में छात्रों से मारपीट, अभद्र भाषा और दुर्व्यवहार की पुष्टि, संयुक्त संचालक शिक्षा ने जारी किया निलंबन आदेश

by Dakshi Sahu Rao
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दुर्ग: छात्रों से मारपीट, सरकारी स्कूल की प्रधान पाठिका सस्पेंड, बच्चों ने लगाए गंभीर आरोप

CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतोरा की प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य को छात्रों से मारपीट, अभद्र भाषा के प्रयोग और दुर्व्यवहार के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक ने गुरुवार को यह कार्रवाई विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर की।

शिकायत के बाद गठित हुई जांच समिति

ग्रामीणों, पालकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रधान पाठिका के खिलाफ कलेक्टर और शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। आरोप था कि वह छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करती हैं, अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती हैं और दुर्व्यवहार करती हैं। शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दुर्ग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।


डीईओ अरविंद मिश्रा ने बताया कि जांच दल ने स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रधान पाठिका के बयान दर्ज किए। दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर तैयार रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद रिपोर्ट संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय भेजी गई।

छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल

निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रधान पाठिका के व्यवहार से विद्यालय की छात्राओं में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया था। पालकों और जनप्रतिनिधियों में भी उनके प्रति नाराजगी थी। विभाग के अनुसार इससे स्कूल का शैक्षणिक और अनुशासनात्मक माहौल प्रभावित हुआ।

संभागीय संयुक्त संचालक ने आदेश में कहा कि प्रधान पाठिका का आचरण शासकीय दायित्वों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना, लापरवाहीपूर्ण और स्वैच्छाचारी था। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

18 जुलाई की घटना से बढ़ा विवाद

ग्रामीणों के अनुसार 18 जुलाई को एक छात्र को कथित रूप से कांटेदार डंडे से पीटा गया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। आरोप है कि स्कूल के पीछे जाने का कारण पूछने पर उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी कई बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा चुका था।
कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे चाय बनवाई जाती थी और निजी काम कराए जाते थे। शिकायत पत्र में मारपीट, गाली-गलौज, कथित जातिसूचक टिप्पणी, निजी काम करवाने और प्रशासनिक अनियमितताओं सहित 12 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।

एक सप्ताह में आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश

निलंबन अवधि में प्रधान पाठिका का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुर्ग रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा है कि छात्रों के साथ शारीरिक दंड और मानसिक प्रताड़ना के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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