Wednesday, July 15, 2026
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CG राज्य महिला आयोग अध्यक्ष पद पर घमासान, ममता ने पद संभाला, किरण बोली-ये गलत है

सरकार की नियुक्ति के बाद आयोग कार्यालय पहुंचीं डॉ. ममता साहू, हाईकोर्ट में लंबित मामले का हवाला देकर डॉ. किरणमयी नायक ने कहा- अंतिम आदेश तक पद यथावत

by Dakshi Sahu Rao
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सीजी राज्य महिला आयोग अध्यक्ष पद पर घमासान, ममता ने पद संभाला, किरण बोली-ये गलत है

CG Prime News@रायपुर.छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद और गहरा गया है। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को रायपुर के शास्त्री चौक स्थित महिला आयोग कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया। वहीं, पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक भी आयोग कार्यालय पहुंचीं और अपने पद पर दावा बरकरार होने की बात कही। दोनों पक्षों के दावों के बीच मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

डॉ. ममता साहू ने कार्यभार संभालते हुए क्या कहा

कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने कहा कि उनकी प्राथमिकता महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, शिकायतों का त्वरित निराकरण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नियुक्ति आदेश के आधार पर उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है और जब तक उच्च न्यायालय की ओर से कोई विपरीत आदेश जारी नहीं होता, तब तक यह नियुक्ति प्रभावी रहेगी।

डॉ. किरणमयी नायक ने हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला

दूसरी ओर, पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आयोग कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की। उनके साथ छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, आयोग की सदस्य सरला कोसरिया सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। डॉ. किरणमयी नायक का कहना है कि उनके पद से हटाने के राज्य सरकार के आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायालय ने उस आदेश पर अंतरिम स्थगन दिया था और मामला अभी अंतिम सुनवाई के लिए लंबित है। ऐसे में अंतिम फैसला आने तक उनका कार्यकाल प्रभावी माना जाना चाहिए।


नियुक्ति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

राज्य सरकार ने 7 जुलाई को डॉ. ममता साहू को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। वहीं, डॉ. किरणमयी नायक का कहना है कि उनका पहला कार्यकाल 23 जुलाई 2020 से 22 जुलाई 2023 तक और दूसरा कार्यकाल जुलाई 2023 से 20 जुलाई 2026 तक निर्धारित है। उनका दावा है कि हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय से पहले नई नियुक्ति लागू करना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी नजर

महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर बने इस विवाद पर अब सभी की नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर है। न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आयोग के अध्यक्ष पद पर किसका दावा विधिक रूप से मान्य होगा।

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