भिलाई | सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा भिलाई स्थित सामरिक मुख्यालय एवं क्षेत्रीय मुख्यालय में 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, देशभक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सामरिक मुख्यालय, सीमा सुरक्षा बल, छत्तीसगढ़ के उप महानिरीक्षक (पी.एस.ओ.) गिरधारी लाल मीणा ने सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय, रिसाली, भिलाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा बल के अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
संविधान और शहीदों को नमन का संदेश
अपने प्रेरणादायी संबोधन में उप महानिरीक्षक मीणा ने कहा कि 26 जनवरी भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण दिन है। इसी दिन वर्ष 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ, जिसने भारत को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यह दिवस हमें संविधान में निहित मूल्यों को आत्मसात करने, अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
नक्सल विरोधी अभियानों में BSF की अहम भूमिका
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में बल कांकेर एवं नारायणपुर जिलों में पूर्ण सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ तैनात है। निरंतर और प्रभावी अभियानों के चलते नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र एवं मनोबल में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय सहयोग से सुरक्षा की मजबूती
उप महानिरीक्षक ने कहा कि सुरक्षा बलों के दबाव, विकासात्मक योजनाओं और स्थानीय जनता के बढ़ते सहयोग से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र नक्सल हिंसा से मुक्त होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इस उपलब्धि में BSF के प्रत्येक जवान और अधिकारी के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की निर्णायक भूमिका रही है।
कार्यक्रम का गरिमामय समापन
कार्यक्रम के अंत में उप महानिरीक्षक मीणा ने सभी अधिकारियों और जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए समारोह के सफल समापन की घोषणा की।
