CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। सुपेला पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर बैंक खाते कम कीमत पर खरीदकर अधिक रकम में दूसरे लोगों को बेचते थे। इन खातों और क्यूआर कोड का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा पैनल से जुड़े लेन-देन में किए जाने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अन्य संबंधित लोगों और बैंक खातों के इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
88 हजार में खरीदे खाते, 1 लाख में बेचने का आरोप
दुर्ग पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को सुपेला थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नीरज गायकवाड़ और अंशु साव म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री में शामिल हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दाऊ बाड़ा तालाब के पास कार्रवाई कर दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में नीरज गायकवाड़ ने कथित तौर पर अंशु साव से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 88 हजार रुपये में खरीदने और उन्हें सिकंदर नाम के व्यक्ति को एक लाख रुपये में बेचने की जानकारी दी। इस तरह खातों की खरीद और बिक्री के बीच 12 हजार रुपये का अंतर बताया गया है।
खाते और QR कोड से होता था पैसों का लेन-देन
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बेचे गए खातों में से एक का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा पैनल से जुड़े लेन-देन में किए जाने की बात सामने आई है। क्यूआर कोड के जरिए प्राप्त रकम को सिकंदर के बताए खाते में ट्रांसफर करने की जानकारी भी मिली है। इसके बदले हर महीने 25 हजार रुपये मिलने की बात बताई गई है। वहीं, अंशु साव ने करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 80 हजार रुपये में खरीदकर नीरज गायकवाड़ को 88 हजार रुपये में बेचे थे। पुलिस अब इन खातों के वास्तविक धारकों, संदिग्ध लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

BNS की धाराओं में मामला दर्ज
सुपेला थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1552/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। जब्त मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक चितराम ठाकुर, आरक्षक कमल याहू और मनोज सिन्हा की भूमिका रही।
