Wednesday, October 14, 2026
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CG शराब घोटाला, 5 कंपनियों पर पैसा हड़पने का आरोप, CSMCL के पूर्व MD समेत 42 आरोपी

ACB-EOW ने CSMCL के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और एजेंसी संचालक बीआर लोहिया से जुड़े मामले में अदालत में दस्तावेज पेश किए। कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त दिनों के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप।

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मैनपावर भुगतान से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर पूरक चालान पेश किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी शराब दुकानों में कर्मचारियों की सेवाओं के नाम पर 182.98 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान कराया गया। इस मामले में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी और एजेंसी संचालक बीआर लोहिया के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

कर्मचारियों के नाम पर भुगतान में गड़बड़ी का आरोप

ACB-EOW की जांच में पांच मैनपावर कंपनियों के जरिए ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त दिनों के काम और सेवा शुल्क के नाम पर भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि कंपनियों ने निगम से रकम प्राप्त की, लेकिन कर्मचारियों को उनके नाम पर दर्शाई गई अतिरिक्त राशि का पूरा भुगतान नहीं किया। कर्मचारियों के बयानों को भी जांच के दस्तावेजों में शामिल किया गया है।

त्रिपाठी के कार्यकाल में 152.40 करोड़ रुपये का भुगतान

जांच के मुताबिक, अरुणपति त्रिपाठी 9 मई 2019 से 16 अप्रैल 2023 तक CSMCL के प्रबंध संचालक रहे। इस अवधि में पांच कंपनियों को करीब 152.40 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किए जाने का आरोप है। इसमें ओवरटाइम के 82.66 करोड़, बोनस के 12.21 करोड़, चार अतिरिक्त दिनों के काम के 45.02 करोड़ और सेवा शुल्क के 12.51 करोड़ रुपये शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि निविदा की शर्तों में बदलाव कर अतिरिक्त भुगतान का रास्ता बनाया गया। जांच में कंपनियों से कथित कमीशन वसूली और रकम के लेन-देन की भी पड़ताल की गई है।


28 से 32 करोड़ रुपये कमीशन लेने का दावा

ACB-EOW के अनुसार, मैनपावर कंपनियों से कमीशन वसूलने और उसे संबंधित लोगों तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्था काम कर रही थी। जांच एजेंसी ने अरुणपति त्रिपाठी को करीब 28 से 32 करोड़ रुपये कमीशन मिलने का आरोप लगाया है। सुमीत फैसिलिटीज से अक्टूबर 2019 से मार्च 2023 के बीच करीब 15.65 करोड़ रुपये दिए जाने संबंधी जानकारी भी जांच में शामिल बताई गई है।

दसवें चालान में 20 व्यक्ति और 22 कंपनियां शामिल

मामले के एक अन्य चालान में रामगोपाल अग्रवाल, यश टुटेजा और अख्तर ढेबर सहित 20 व्यक्तियों तथा 22 फर्मों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने अवैध शराब बिक्री, कमीशनखोरी, हवाला लेन-देन और कथित तौर पर बिना आबकारी शुल्क चुकाए शराब की बिक्री में सहयोग करने जैसे आरोप भी लगाए हैं। बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी के मुताबिक, छठा पूरक चालान पेश किया गया है, जिसमें कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को निर्धारित है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।

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