दुर्ग। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर प्रकरण में दुर्ग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा आर्थिक सहायता, इलाज और बीमारी दूर करने के नाम पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 01 फरवरी 2026 को प्रार्थिया रूखमणी पाण्डेय (36 वर्ष), निवासी पदमनगर चरोदा, वार्ड क्रमांक 19, पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग ने थाना पुरानी भिलाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिया घरेलू कार्य एवं खाना बनाने का कार्य करती हैं।
प्रार्थिया के अनुसार, दिनांक 25 जनवरी 2026 को दो अज्ञात महिलाएं उनके घर आईं और ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारी ठीक होने तथा आर्थिक सहायता मिलने का प्रलोभन दिया। प्रार्थिया द्वारा असहमति जताने पर दोनों महिलाएं चली गईं।
दबाव बढ़ाने पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट
दिनांक 01 फरवरी 2026 को वही दोनों महिलाएं पुनः प्रार्थिया के घर पहुंचीं और ईसाई धर्म अपनाने, बाइबिल पढ़ने, इलाज, आर्थिक सहायता एवं बेटी की शादी में सहयोग देने का लालच दिया। प्रार्थिया एवं उनके परिजनों द्वारा इसका विरोध किए जाने पर दोनों महिलाओं के विरुद्ध थाना पुरानी भिलाई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले में अपराध क्रमांक 71/2026 धारा 299 बीएनएस एवं धारा 04 छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दोनों महिला आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
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सारिका डाडिंगे, उम्र 42 वर्ष, निवासी खुर्सीपार
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प्रियंका साईमन, उम्र 33 वर्ष, निवासी कुम्हारी
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या बहकावे में न आएं। इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
