CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरण से जुड़े तीन पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के बाद संबंधित पदाधिकारियों को राज्य मंत्री के समकक्ष दर्जा प्राप्त होगा। जारी आदेश के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही दो अन्य पदाधिकारियों को भी राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।
अजय शुक्ला को भी मिला दर्जा
आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय शुक्ला को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। बोर्ड आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं और औषधीय पौधों से जुड़े विषयों को लेकर काम करता है। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद अजय शुक्ला को भी राज्य मंत्री के दर्जे के अनुरूप सरकारी प्रोटोकॉल और निर्धारित सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। हालांकि इनका स्वरूप संबंधित नियमों और शासन के प्रावधानों के अनुसार होगा।
शरद अवस्थी को भी राज्य मंत्री का दर्जा
इसी आदेश में इद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को भी राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। इंद्रावती बेसिन से जुड़े विकास कार्यों और संबंधित क्षेत्रों की योजनाओं के लिहाज से इस प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में तीनों पदाधिकारियों के नाम और उनके वर्तमान पद का उल्लेख करते हुए राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने की जानकारी दी गई है।

शासन के आदेश के बाद बढ़ा राजनीतिक महत्व
राज्य सरकार के इस फैसले से निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्त पदाधिकारियों का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व बढ़ने की चर्चा है। राज्य मंत्री का दर्जा मिलने के बाद संबंधित पदाधिकारियों को सरकारी कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल में भी निर्धारित नियमों के अनुसार स्थान मिलेगा। फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग का यह आदेश प्रभावी हो गया है। तीनों पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने के बाद अब उनके कार्यालयों और विभागीय गतिविधियों में भी इसकी औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
