अनुशासन पर कोई समझौता नहीं
कवर्धा | कबीरधाम पुलिस ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के स्पष्ट और कठोर निर्देशों के तहत वर्दी पहनकर सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन, आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार और बार-बार अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से पदच्युत कर दिया गया है।
वर्दी में शराब, सार्वजनिक स्थल पर हंगामा
विभागीय जांच में यह तथ्य पूर्णतः प्रमाणित हुआ कि 30 अप्रैल 2025 को आरक्षक अभिषेक लकड़ा वर्दी की अवस्था में शराब का सेवन कर कवर्धा स्थित सरस्वती शो-रूम पहुंचा और वहां कर्मचारियों, ग्राहकों व राहगीरों के साथ अशोभनीय व अमर्यादित व्यवहार किया। शो-रूम संचालक की सूचना पर थाना प्रभारी कवर्धा द्वारा तत्काल तस्दीक कराई गई, जिसमें आरक्षक अत्यधिक नशे की हालत में पाया गया।
चिकित्सकीय पुष्टि और विभागीय जांच
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरोपी आरक्षक को थाना लाया गया तथा जिला अस्पताल कवर्धा में कराए गए चिकित्सकीय मुलाहिजा में अत्यधिक नशे की स्पष्ट पुष्टि हुई। इसके बाद निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमसम्मत विभागीय जांच की गई, जिसमें आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आरोप पूर्णतः सिद्ध पाए गए।
पहले भी मिल चुकी थीं सख्त सजाएं
जांच में यह भी सामने आया कि अल्प सेवाकाल में ही आरक्षक अभिषेक लकड़ा पूर्व में 7 बार निंदा और 2 बार वेतनवृद्धि रोके जाने जैसी सजाएं भुगत चुका था, इसके बावजूद उसके आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ। पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए इस प्रकार का व्यवहार सेवा में बने रहने योग्य नहीं माना गया।
पहले भी हो चुकी है बर्खास्तगी
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी कबीरधाम पुलिस द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और अनुशासनहीनता के मामलों में आरक्षक 52 अनिल मिरज, आरक्षक 517 आदित्य तिवारी तथा आरक्षक चालक 272 राजेश उपाध्याय को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शराब सेवन, अनुशासनहीनता या सार्वजनिक मर्यादा भंग करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध सीधे सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
