Monday, May 18, 2026
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नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बस्तर में अमित शाह ने भरी हुंकार, बोले-1 साल में रायपुर से आएगी सरकार

देश में आजादी 78 साल पहले आ गई थी पर बस्तर में आजादी का सूर्योदय 31 मार्च 2026 के बाद हुआ है।

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@जगदलपुर.Union Home Minister Amit Shah on his first visit to Bastar following the elimination of Naxalism. छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खात्मे के बाद सोमवार को पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर पहुंचे। इस दौरान नेतानार में कहा कि, आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 6 महीनों के काम के बाद अब यह पूरा क्षेत्र आदिवासियों से भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी धरा से अंग्रेजों के खिलाफ जंग लडऩे का काम अमर शहीद गुंडाधुर ने किया था। शाह ने ऐलान किया कि सरकारी नौकरी में आदिवासी युवाओं को 15 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

बस्तर से गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया

गृह मंत्री शाह ने कहा कि अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब इस ऐतिहासिक धरती को एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है। एक दौर वह भी था जब यहां एक साथ 6 पुलिसवालों की हत्या कर दी जाती थी। स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ ऐसा था कि वे मासूम बच्चों को उनके बचपन में ही जबरन उठा ले जाते थे।

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नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बस्तर में अमित शाह ने भरी हुंकार, बोले-1 साल में रायपुर से आएगी सरकार

बंदूक से भय फैलाते थे

शाह ने कहा कि 2020 में जब मैं यहां आया तब यहां की विभीषिका से रूबरू हुआ। आजादी तो आई पर उसका लाभ यहां की जनता को नहीं था। आदिवासी कल्याण के नाम पर जो लोग बंदूक ले कर भय फैलाए थे उनको सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया। जो पुनर्वास करना चाहते थे ऐसे 3000 लोगों का पुनर्वास हुआ। इसमें से 2000 लोग ऐसे हैं जो निरक्षर हैं।

एक साल में रायपुर से सरकार यहां आएगी

आज शहीद गुण्डाधुर की भूमि से आपको वादा करता हूं कि एक साल में सरकार को रायपुर से आप के पास ले कर आएंगे। बस्तर में अभी 196 कैंप है। उसमें 70 कैंप सेवा गांव बना कर बस्तर का विकास करेंगे। कैंपों को अच्छे से डिजाइन करने का काम एनआईडी को दिया जाएगा। आपके कौशल बैंकिंग डॉक्युमेंटेशन का काम सब यही होगा। हम डेयरी का मॉडल भी यहां लाएंगे। केंद्र सरकार की मदद से यहां का कायाकल्प होगा। पशु पालन यहां होगा तो, मुझे आनंद है कि विकास की शुरुआत यहां की बहने करेंगी।

बस्तर 31 मार्च 2026 को आजाद हुआ

नक्सलवाद तभी समाप्त माना जाएगा जब हम जो वो नुकसान किए हैं उन्हें 5 साल में भर सकेंगे। इसको लिए बस्तर पांडुम बस्तर ओलंपिक के दो कॉन्सेप्ट शुरू किए हैं। वनोपज का अच्छे से पैकेजिंग, ब्रांडिंग करने का संकल्प हमने किया है। एक बहन कह रही थी हमारे गांव में बिजली आ गई है, साफ पानी आ गया है। देश में आजादी 78 साल पहले आ गई थी। पर बस्तर में आजादी का सूर्योदय 31 मार्च 2026 के बाद हुआ है।

मिलेगी सभी सुविधाएं

यहां के आदिवासी बच्चों को अब वे तमाम आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। जो पहले केवल बड़े शहरों में ही मिलती थीं। अब हर गरीब परिवार तक पीने का साफ पानी पहुंचाया जा रहा है, उनके राशन कार्ड और आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उन्हें 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

 

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