CG Prime News@दिल्ली. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। हालांकि पुलिस ने मामला किसी नामजद व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करने के बजाय अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया है। साहिल का आरोप है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पैलेट छर्रे लगने से उसकी एक आंख की रोशनी चली गई।
आठ घंटे बाद दर्ज हुई FIR
साहिल की मां की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई। शिकायत में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 लगाई गई हैं। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 125 ऐसे लापरवाह या उतावले कृत्य से जुड़ी है, जिससे किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
FIR दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से मामला दर्ज करने की मांग की और कहा कि FIR दर्ज होने तक वह थाने से नहीं हटेंगे। करीब पांच घंटे बाद शाम 5:30 बजे पुलिस ने शिकायत पर प्रक्रिया शुरू की।

राहुल गांधी ने दिखाए छर्रे
इससे पहले राहुल गांधी ने साहिल को लगे पैलेट छर्रे दिखाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये छर्रे साहिल के शरीर से निकले हैं और इनके आधार पर पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच होनी चाहिए। राहुल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शिकायत दर्ज करना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऊपर से निर्देश दिए गए थे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल छात्र साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज, राहुल गांधी बोले- न्याय की तरफ पहला कदम

प्रियंका गांधी समेत कई नेता रहे मौजूद
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश समेत कई नेता मौजूद रहे। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी साहिल के परिवार के साथ थाने से बाहर आए और इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने में करीब आठ घंटे लगना चिंता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी FIR दर्ज करना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया।
कांग्रेस ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घायल छात्र मेडिकल रिपोर्ट लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था और इसके बावजूद FIR में देरी हुई। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
