CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिले की स्मृतिनगर चौकी पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग में शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर 10.55 लाख से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वर्ष 2022 में एक महिला को सरकारी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की नौकरी दिलाने का झांसा देकर विभिन्न किश्तों में 10,55,698 की राशि ले ली थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कोविड काल में हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, सिकोला भाठा निवासी स्वेच्छा रानी ने 15 जुलाई 2026 को स्मृतिनगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में कोविड-19 के दौरान शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में कार्यरत रहने के समय उसकी मुलाकात आरोपी बिज्जू चंद्रा से हुई थी।
आरोपी ने स्वयं को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए शासकीय चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल और जिला अस्पताल, दुर्ग में नर्सिंग स्टाफ के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेकर उसने अलग-अलग किश्तों में कुल ₹10,55,698 प्राप्त कर लिए, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई।

मामला दर्ज होते ही पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत के आधार पर स्मृतिनगर चौकी, थाना सुपेला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और बैंक पासबुक जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिज्जू चंद्रा (32) निवासी रेलवे कॉलोनी, शास्त्री नगर, दल्लीराजहरा, जिला बालोद (हाल निवासी ग्राम जेवरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दुर्ग पुलिस ने जारी की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धनराशि देने से पहले उसकी पूरी सत्यता और वैधता की जांच अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर दें।
