Monday, June 22, 2026
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जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरी क्रूज डूबी, 9 लोगों की मौत, 4 पर्यटक लापता

लाइफ जैकेट में 4 साल के बेटे को छाती से चिपकाए मिली मां

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@भोपाल. Tourist-filled cruise sinks in Jabalpur’s Bargi Dam; 9 dead मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में मृतकों की संख्या 9 पहुंच गई है। वहीं अभी भी चार लोग लापता हैं। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार हादसे में कू्रज में सवार 28 लोगों को बचा लिया गया है। गुरुवार शाम 5 बजे अचानक आई तेज आंधी के बाद पर्यटन विभाग का क्रूज पानी में डगमगा गया। धीरे-धीरे सवार 43 से 47 पर्यटकों को लेकर डूब गया। हादसा इतना भयानक था कि पर्यटकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

PM ने जताया दु:ख

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। वहीं एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। वे दोपहर 4 बजे जबलपुर पहुंच सकते हैं।

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हैरान करने वाला बयान दिया मंत्री ने

वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

किनारे से 300 मीटर दूर हुआ हादसा

बतां दें कि हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ।

संभलने का मौका ही नहीं मिला

क्रूज के पायलट महेश ने बताया, ‘सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।’ महेश को 10 साल का अनुभव है।

मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था

हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

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