CG Prime News@दिल्ली. amarnath yatra 2026 अमरनाथ यात्रा शुरू होने से तीन दिन पहले सोमवार को बाबा बर्फानी की प्रथम पूजा संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यात्रा की औपचारिक तैयारियों का शुभारंभ किया। इस वर्ष पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
प्रशासन के अनुसार, 15 अप्रैल से अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होगा। यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है।

अमरनाथ यात्रा 2026: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की बाबा बर्फानी की पहली पूजा

स्वास्थ्य सुविधाएं और मार्ग तैयार
यात्रियों की सुविधा के लिए बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल शुरू कर दिए गए हैं। इसके अलावा दोनों यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सहायता केंद्र, आपातकालीन सेवाएं और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्गों पर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा संबंधी अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। महागणेश टॉप के पास शेष बर्फ हटाने का कार्य अंतिम चरण में है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
दो प्रमुख मार्गों से होगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पास दो विकल्प उपलब्ध हैं। पारंपरिक पहलगाम मार्ग लगभग 41 किलोमीटर लंबा है, जिसे पूरा करने में सामान्यतः तीन से चार दिन लगते हैं। इस मार्ग पर शेषनाग और पंचतरणी जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन भी होते हैं तथा ऊंचाई के अनुसार शरीर को अनुकूल होने का समय मिलता है।

दूसरी ओर, बालटाल मार्ग करीब 7 किलोमीटर लंबा है। यह अपेक्षाकृत छोटा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला मार्ग माना जाता है। कम समय में यात्रा पूरी करने के इच्छुक श्रद्धालु इस मार्ग का चयन करते हैं, हालांकि बुजुर्गों और कम शारीरिक क्षमता वाले यात्रियों के लिए यह अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था का ट्रायल सफल
यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और काफिले की आवाजाही का ट्रायल रन किया गया। परीक्षण के दौरान विभिन्न एजेंसियों के समन्वय, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा प्रबंधन का आकलन किया गया। ट्रायल काफिला लगभग चार घंटे में रामबन जिला मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान सुरक्षा कारणों से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी गई।
