
जब ज़िंदगी हार मान रही थी
दुर्ग। कभी-कभी ज़िंदगी का बोझ इंसान को ऐसे मोड़ पर ले आता है, जहां एक पल का फैसला सब कुछ बदल सकता है। दुर्ग जिले में ऐसा ही एक भावुक और संवेदनशील मामला सामने आया, जब मानसिक तनाव से जूझ रही एक महिला ने आत्महत्या करने की नीयत से शिवनाथ नदी में छलांग लगा दी। (A moment’s delay could have ended a woman’s life; police saved her life.)
सूचना मिलते ही हरकत में आई डायल 112
कोतवाली थाना टीआई नवीन राजपूत ने बताया कि 3 जनवरी 2026 को डीपीसीआर दुर्ग को नदी में महिला के कूदने की सूचना मिली। बिना समय गंवाए दुर्ग थाना क्षेत्र की डायल 112 चिता-2 टीम को घटनास्थल रवाना किया गया। पुलिस कर्मियों ने हालात की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और साहसिक कार्रवाई की।
पुलिस की मानवीय संवेदना बनी जीवन रक्षक
डायल 112 के स्टाफ ने जोखिम उठाते हुए महिला को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। महिला की पहचान पूनम श्रीवास्तव (40 वर्ष), निवासी मोहन नगर, दुर्ग के रूप में हुई। गनिमत यह रही कि समय पर किसी ने पुलिस को सूचना दे दी।समय रहते मदद न मिलती, तो परिणाम भयावह हो सकता था।

परिवार से मिलते ही छलके आंसू
रेस्क्यू के बाद महिला को समझाइश दी गई और सुरक्षित उसकी मां व भाई के सुपुर्द किया गया। परिजनों की आंखों में राहत के आंसू थे, वहीं पुलिस के प्रति आभार साफ झलक रहा था। वहीं दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जीवन अमूल्य है। किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या परेशानी में अकेले निर्णय न लें, मदद के लिए पुलिस, डायल 112 या परामर्श सेवाओं से संपर्क करें।
