
पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान बिगड़ी तबीयत, पुलिस की मानवता ने जीता दिल
भिलाई। Young man falls ill while arriving for passport verification; dies during treatment. भिलाई नगर कंट्रोल रूम परिसर में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब वे पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यालय परिसर में पहुंचे थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्हें अचानक चक्कर आया और वे जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
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पुलिस की तत्परता और मानवता बनी मिसाल
घटना के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस अथवा अन्य औपचारिकताओं का इंतजार नहीं किया। पुलिस वाहन से ही पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब एक घंटे तक लगातार इलाज किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस मानवीय दायित्वों का भी पूरी संवेदनशीलता से निर्वहन करती है।

दो पहिया वाहन से परिजनों तक पहुंची जानकारी
मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आरक्षक राजेश सिंह ने उनके दोपहिया वाहन के पंजीयन नंबर की सहायता ली। वाहन के रिकॉर्ड के आधार पर परिजनों का पता लगाया गया और उन्हें तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई शुरू की। जयदीप के पिता डॉ. एसआर वर्मा कल्याण कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रहे।
प्रारंभिक जानकारी में हार्ट अटैक की आशंका
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) माना जा रहा है। अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की।
मानवीय संदेश
यह घटना बताती है कि आपात स्थिति में कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। टीआई जितेन्द्र वर्मा, टीआई मनीष शर्मा, सब इंस्पेक्टर डॉ. संकल्प राय और एटीएस और भट्ठी पेट्रोलिंग टीम ने मानवता का परिचय दिया। उन्होंने पहले सीपीआर दिया। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया ने हरसंभव प्रयास किया। हालांकि जीवन नहीं बचाया जा सका, लेकिन उनकी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई।
