Wednesday, July 8, 2026
Home » Blog » Big News: महादेव बेटिंग ऐप का मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज

Big News: महादेव बेटिंग ऐप का मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज

फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से ओमान में प्रवेश का आरोप, इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर कार्रवा

by Dakshi Sahu Rao
0 comments

CG Prime News@दिल्ली. महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसे भारत लाने के लिए औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हुई कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर ओमान पुलिस ने यह कार्रवाई की। सौरभ चंद्राकर पिछले कई वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था और वर्ष 2019 से भारतीय एजेंसियों की पकड़ से बाहर था।

भिलाई का रहने वाला है सौरभ चंद्राकर

छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का प्रमुख संचालक माना जाता है। उस पर करीब 5,000 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए देश-विदेश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा कारोबार संचालित किया जा रहा था।

रेड नोटिस हटाने की याचिका हो चुकी है खारिज

हाल ही में इंटरपोल की Commission for the Control of Interpol’s Files (CCF) ने सौरभ चंद्राकर की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उसने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस हटाने की मांग की थी। चंद्राकर का दावा था कि भारत में उसके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक कारणों से प्रेरित है और उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। हालांकि, सीसीएफ ने माना कि मामला वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, इसलिए रेड नोटिस जारी रखने का निर्णय उचित है।

ED और CBI की जांच में बड़े खुलासे

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 74 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की जा चुकी हैं। एजेंसियों का दावा है कि अब तक लगभग 4,336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

You may also like