CG Prime News@रायपुर. Foreign Funding for the Propagation of Christianity in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में ईसाई धर्म के प्रचार की तार अब सीधे अमेरिका से जुड़ गई है। जिसके अनुसार ईसाई धर्म प्रचार के लिए विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि अमेरिका से आए पैसों का इस्तेमाल बस्तर और धमतरी में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार में की गई।
विदेशी नागरिक को लिया हिरासत में
इस मामले में मिकाह मार्क नाम के विदेशी नागरिक को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ED के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर हिरासत में लिया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनके जरिए भारत में कैश निकाला जा रहा था। ED ने जब जांच की तो इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ है।
ED ने 18 और 19 अप्रैल को देशभर में 6 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच में सामने आया कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाकर अलग-अलग राज्यों के एटीएम से बार-बार नकदी निकाली जा रही थी। ऐसा कर नियामकीय व्यवस्था और वित्तीय निगरानी तंत्र को चकमा दिया जा रहा था।
सीएम बोले-जांच की जाएगी
यह पूरा मामला ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा है। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी, जो भी जरूरी होगा आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
95 करोड़ रुपए विदेशों से भारत आए
जांच एजेंसी के मुताबिक, नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपए विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत लाए गए। अमेरिकी एजेंसी की ओर से जारी करीब 6.5 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ के इलाकों में खर्च किए गए हैं।
डेबिट कार्ड, कैश-दस्तावेज जब्त
छापेमारी में ED ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपए नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
