रायगढ़. जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुसौर पुलिस ने ग्राम अम्लीभौना (छोटे भंडार) में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए।
नशे के दुष्परिणामों पर दी जानकारी
थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है और उसे अपराध की ओर धकेल सकता है। साथ ही यह सड़क दुर्घटनाओं का भी बड़ा कारण बनता है।
महिला समिति की भूमिका सराहनीय
कार्यक्रम के दौरान गांव की महिला समिति की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की जागरूकता और पहल से गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रैली निकालकर दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों और पुलिस टीम ने मिलकर गांव में रैली निकाली। “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया गया। रैली में शामिल लोगों ने उत्साहपूर्वक नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया।
पुलिस का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में आमजन की भागीदारी बेहद जरूरी है। अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं जागरूकता के माध्यम से समाज को नशा मुक्त बनाना प्राथमिकता है।
