रायगढ़। जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना लैलूंगा और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने उड़ीसा से गांजा तस्करी कर ला रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 29 किलोग्राम गांजा, एक मारुति सुजुकी रिट्ज कार और दो मोबाइल फोन सहित कुल 17.65 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
गुप्त सूचना पर हुई घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से गांजा लाकर रायगढ़ के रास्ते अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने लैलूंगा क्षेत्र के पाकरगांव अटल चौक के पास घेराबंदी की। संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी भागने लगे। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने वाहन को रोककर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
पुष्पा फिल्म की तर्ज पर छुपाया गांजा
वाहन की तलाशी के दौरान आरोपियों ने पहले तस्करी से इंकार किया, लेकिन पुलिस की सघन जांच में कार के दरवाजों और बैक लाइट में बनाए गए विशेष गुप्त चेंबर से गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने फिल्म ‘पुष्पा’ की तरह कार को मॉडिफाई कर मादक पदार्थ छुपाया था, ताकि पुलिस जांच से बचा जा सके।
इतनी मात्रा में मिला गांजा
पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार निषाद से 19.033 किलोग्राम तथा महेंद्र प्रसाद चौहान से 10.082 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त कार और दोनों मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
तस्करी नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जशपुर जिले के रामकुमार कुजूर द्वारा उन्हें उड़ीसा से गांजा लाने के लिए रकम का लालच दिया गया था। पुलिस ने फरार सप्लायर को भी मामले में नामजद करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
