दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विद्युत अधोसंरचना विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) दुर्ग क्षेत्र में 385 करोड़ रुपये की लागत से नए अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। जिले में बढ़ती बिजली मांग और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई है। कंपनी द्वारा लिटिया (सेमरिया), अहिवारा, कुम्हारी, अंडा, औरी (जामगांव आर) तथा आईआईटी भिलाई परिसर में 06 अति उच्चदाब उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही माटरा एवं ग्रीन वैली भिलाई में 33/11 केवी के दो नए उपकेंद्रों का निर्माण भी जारी है।
25 वर्षों में बिजली नेटवर्क का व्यापक विस्तार
वर्ष 2000 की तुलना में वर्ष 2025 तक दुर्ग जिले में बिजली नेटवर्क और उपभोक्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जहां वर्ष 2000 में 132/33 केवी अति उच्चदाब केंद्रों की संख्या 03 थी, वह बढ़कर 08 हो चुकी है। वहीं 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 39 से बढ़कर 100 तक पहुंच गई है। इसी अवधि में पावर ट्रांसफार्मरों की संख्या 60 से बढ़कर 198 और वितरण ट्रांसफार्मर 4,787 से बढ़कर 16,717 हो गए हैं। जिले में वर्तमान में 220/132/33 केवी के दो अति उच्चदाब केंद्र भी संचालित हैं।
शत-प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल
दुर्ग जिले ने ग्रामीण विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में जिले के सभी 542 आबाद गांव पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुके हैं। राज्य गठन के समय की तुलना में अब जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर कोई भी गांव बिजली सुविधा से वंचित नहीं है।
उपभोक्ताओं और कृषि कनेक्शन में बड़ी वृद्धि
बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक विकास के चलते बिजली कनेक्शनों में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्तमान में जिले में 4,20,942 घरेलू उपभोक्ता बिजली सुविधा का लाभ ले रहे हैं। किसानों के लिए पंप कनेक्शन 19,615 से बढ़कर 43,667 हो गए हैं, जबकि 20,030 बीपीएल कनेक्शन भी प्रदान किए गए हैं। औद्योगिक विकास के संकेतक उच्चदाब कनेक्शन 83 से बढ़कर 506 तक पहुंच गए हैं।
बेहतर आपूर्ति के लिए लाइनों का विस्तार
विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने हेतु 33 केवी लाइन की लंबाई 885 किलोमीटर से बढ़कर 1,799 किलोमीटर तथा निम्नदाब लाइन 9,460 किलोमीटर से बढ़कर 16,150 किलोमीटर तक विस्तारित की गई है, जिससे अंतिम छोर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति संभव हो सकी है। सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने बताया कि विभाग 06 संभाग, 12 जोन, 08 उपसंभाग और 25 वितरण केंद्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को त्वरित सेवाएं प्रदान कर रहा है तथा भविष्य में आधुनिक तकनीकों के जरिए विद्युत वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
