Wednesday, March 18, 2026
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शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पहुंचे दुर्ग, प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर दिया बड़ा बयान

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती दुर्ग में भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन करेंगे

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग. Shankaracharya Swami Nishchalanand Saraswati arrived in Durg भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अभियान के तहत बुधवार को गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती दुर्ग पहुंचे। इस दौरान दुर्ग रेलवे स्टेशन में बड़ी संख्या में भक्तों ने उनका स्वागत किया। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती दुर्ग में भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन करेंगे।

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शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पहुंचे दुर्ग, प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर दिया बड़ा बयान

प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर दिया बयान

जगतगुरु शंकराचार्य ने दुर्ग पहुंचने पर मीडिया से बातचीत की इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में जारी शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवादों पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वहां अत्यधिक तामझाम और अव्यवस्था के कारण उन्हें रोका गया। इस पूरे प्रकरण को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इन विवादों के बीच जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दुर्ग के अंडा गांव में आयोजन

जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का विचार किसी के विरोध में नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों का मार्ग दिखाता है। दुर्ग प्रवास के दौरान वे संतों, बुद्धिजीवियों और आम श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे तथा हिंदू राष्ट्र अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम दुर्ग जिले के अंडा ग्राम में आयोजित किया जा रहा है।

बिना स्नान के लौट रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस अधिकारियों ने रथ के साथ जाने से रोक दिया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस हो गई थी। भक्तों से दुर्व्यवहार के वीडियो भी सामने आए थे। अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें संगम में स्नान करने से रोका गया। इसके बाद बुधवार 28 जनवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने घोषणा की कि वे इस माघ मेला में स्नान नहीं करेंगे और उन्हें दुखी मन से मेले से जाना पड़ रहा है।

 

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