CG Prime News@दिल्ली. President Droupadi Murmu visited the INS Vaghsir submarine राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कर्नाटक के कारवाड़ नेवल बेस पर पनडुब्बी (सबमरीन) में यात्रा की। राष्ट्रपति मुर्मू की कलवरी क्लास सबमरीन में यह पहली और किसी राष्ट्रपति की दूसरी यात्रा है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने सबमरीन में यात्रा की थी। कलाम ने फरवरी 2006 में पनडुब्बी यात्रा की थी।
नौ सेना की वर्दी में दिखीं राष्ट्रपति
कलवरी क्लास की सबमरीन आईएनएस (INS) वाघषीर में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी राष्ट्रपति के साथ थे। राष्ट्रपति नौसेना की वर्दी पहनकर पनडुब्बी में पहुंची। पी 75 स्कॉर्पीन प्रोजेक्ट की छठी और अंतिम पनडुब्बी आईएनएस वाघषीर को जनवरी में नौसेना में शामिल किया गया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू INS वाघवीर पनडुब्बी में की यात्रा, नौ सेना की वर्दी में दिखीं प्रेसिडेंट
लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भर चुकीं राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू भारतीय वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति भी हैं। उन्होंने इस साल 29 अक्टूबर को राफेल और 2023 में सुखोई 30 MKI में उड़ान भरी।
INS वाघषीर की खासियत…
- इनमें 4 एमटीयू 12V 396 SE84 डीजल इंजन और 360 बैटरी सेल्स लगे हैं।
- पानी की सतह पर इसकी स्पीड 20 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है, जबकि पानी के अंदर ये 37 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती है।
- इसकी रेंज गति के मुताबिक तय होती है। अगर यह सतह पर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है, तो यह 12 हजार किलोमीटर तक चल सकती है।
- पानी के अंदर यह 1020 किलोमीटर की रेंज तक जा सकती है लेकिन गति 7.4 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए।
- यह कलवारी क्लास पनडुब्बी है। इस क्लास की पनडुब्बियों की लंबाई लगभग 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट होती है।
- यह सतह-विरोधी युद्ध (anti-surface warfare), पनडुब्बी रोधी युद्ध (anti-submarine warfare), खुफिया जानकारी एकत्र करना, समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाना और समुद्र के अंदर से निगरानी का काम कर सकती है।
